दादरी मामला: अखलाक को बचाने के लिए दौड़ा था यह हिन्दू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में स्थित दादरी क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में बीते दिनों भले ही कुछ असामाजिक तत्वों ने गोमांस खाने की झूठी अफवाह के बल पर मो.अखलाक नामक बुजुर्ग को मौत के घाट उतार कर सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का प्रयास किया हो लेकिन इस मामले में एक ऐसी कड़ी भी है जिसने हिन्दू-मुस्लिम एकता की एक मिसाल भी पेश की है। दरअसल, अखलाक को बचाने की पहल मनोज सिसौदिया नाम के हिन्दू ने की थी। हालांकि उसको इस बात का दुख है कि वह समय पर नहीं पहुँच सका।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, जब भीड़ ने अखलाक के घर पर हमला बोला था तब अखलाक ने सबसे पहले अपने बचपन के मित्र मनोज सिसौदिया को किया था जिनकी गांव में ही एक चोटी सी दुकान है। मनोज का कहना है कि अखलाक का फोन आने के बाद वह उसकी मदद के लिए आगे तो बढ़े थे और सही समय पर मौके पर न पहुँच पाने की वजह से उन्होने अपने एक दोस्त को खो दिया। उन्हे इस बात का दुख हमेशा रहेगा।

बताया जा रहा है कि मनोज ही वह शक्स है जिसने सबसे पहले पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। पुलिस व मनोज दोनों को मौके पर पहुँचने में करीब 15 मिनट का समय लगा था लेकिन इतनी देर में असामाजित लोगों ने अखलाक की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस बात की पुष्टि पुलिस ने भी की है कि सबसे पहले मनोज ने ही घटना की जानकारी पुलिस को दी थी।

वहीं अखलाक के कॉल डिटेल से इस बात पर सत्यता की मोहर लग रही है कि उन्होने आखिरी कॉल अपने मित्र मनोज को की थी। उन्होने यह कॉल रात करीब 10:30 बजे की थी।  आपको बता दे कि मनोज सिसोदिया व अखलाक बचपन के दोस्त हैं। बताया जा रहा है सिसोदिया का घर अखलाक के घर से 500 मीटर की दूरी पर स्थित था। सिसोदिया को इस घटना ने झंझकोर कर रख दिया है। उन्हें अपने दोस्त की मौत से गहरा सदमा लगा है।

मालूम हो कि मालूम हो कि बीते 30 सितंबर को आरोपियों ने मंदिर में लगे लाउड स्पीकर से बिसरा गाँव में अफवाह फैला दी थी कि गाँव में रहने वाले अखलाक के घर में गौमांस पका है जिसके उत्तेजित होकर गाँव वालों ने इकट्ठा होकर अखलाक के घर पर हमला बोल दिया था। गाँव वालों ने घर में जमकर तोडफोड करने के साथ-साथ अखलाक के परिवार वालों को भी बुरी तरह से पिटाई कर दी थी, जिससे अखलाक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उसका बेटा बुरी तरह से घायल हो गया था।