देश एकजुट रहा है और एकजुट रहेगा, छोटी-छोटी घटनाएं नहीं ला सकतीं विकृतिः मोहन भागवत

नई दिल्ली। विजयादशमी पर्व पर गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर स्थित मुख्यालय पर आयोजित स्वयं सेवकों की दशहरा रैली को संबोधित कर रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश एकजुट रहा है और एकजुट रहेगा। छोटी-छोटी घटनाएं होती रहतीं हैं। इन घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जाता है, लेकिन ये घटनाएं भारतीय संस्कृति और हिन्दू संस्कृति को विकृत नहीं कर सकतीं। यह हमेशा से विभिन्नता का सम्मान करती रही है और भिन्नता में समन्वय को स्थापित करना ही हिन्दुत्व है। संघ पिछले 90 सालों से हिन्दुत्व के इसी आधार को मजबूत करने का काम करता चला आ रहा है। हालांकि अपने भाषण के दौरान उन्होंने किसी घटना विशेष का जिक्र नहीं किया।

इसके साथ ही जिस विषय को भागवत ने गंभीरता से लिया वह रहा बढ़ती हुई जनसंख्या। जिसे लेकर उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या एक बोझ बन गई है। इस पर गंभीरता से विचार विमर्श होना चाहिए। पूरे देश के लिए समान कानून बनना चाहिए।

संघ प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेतृत्व वाली सरकार की प्रशंसा और सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश उस अनिश्चितता के दौर से बाहर निकल चुका है, जिसमें हमें ये चिन्ता होती थी कि आगे क्या होगा और कैसे होगा ? आज देश में विश्वास और उम्मीद का माहौल बन चुका है, हम विकास की ओर अग्रसर है। विदेश में भी हमारी स्थिति मजबूत हुई है, वहां हमारी प्रतिष्ठा बढ़ी है। वहां गीता और योग की चर्चा हो रही है।

अपने भाषण के बीच में भागवत ने संविधान में आरक्षण का प्रावधान करने वाले संविधान निर्माता डा0 बाबा साहेब अंबेडकर की तुलना गौतम बुद्ध और जगदगुरु शंकराचार्य से कर दी। इससे पूर्व में आरक्षण नीति की समीक्षा को लेकर उनका बयान उनके और बीजेपी के विरोधियों के लिए बिहार चुनाव के लिए सियासी मुद्दा बन गया था।

आपको बता दें कि आरएसएस की दशहरा रैली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेंत बीजेपी के कई नेता शामिल हुए।