नेपाल: संविधान संशोधन की मांग को लेकर मधेशीयों ने दिया धरना

Modi With deuba
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महराजगंज। पड़ोसी देश नेपाल में घोषित संविधान के खिलाफ मुहिम छेड़ चुके संयुक्त मधेशी मोर्चा ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। मधेशीयों वे थारु संगठन के साथ मिलकर संविधान में संशोधन करने की मांग की है। मधेशीयों का आरोप है कि पारित हुए इस नए संविधान में भेदभाव की भावना साफ देखने को मिल रही है।

मधेशीयों वे थारु के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शनिवार दोपहर करीव 1 बजे भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली नो मैस लैंड पर पहुँचकर धरना प्रदर्शन किया । इस दौरान मधेशियों ने नये संविधान जो भेदभाव को देखते हुए बनाया गया है उसका कड़ा विरोध किया और उसे संसोधित करने की माँग की। इस दौरान भारत की सभी खुफिया सुरक्षा एजेंसिया, एसएसबी, पुलिस बल व पीएसी अलर्ट रही।

मधेशियों के धरने से बार्डर का आवागमन घण्टो तक  बाधित रहा। धरना में मुख्य रूप से महेंद्र यादव, सन्तोष पान्डेय, गुलजारी यादव, उमाशंकर यादव, प्रदीप पान्डेय, विद्या यादव, योगेन्द्र चौधरी, कृष्णचन्द मिश्रा, राजेंद्र गुप्ता सहित सैकड़ो मधेशी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

सोनौली से विजय चौरसिया की रिपोर्ट  

 

महराजगंज। पड़ोसी देश नेपाल में घोषित संविधान के खिलाफ मुहिम छेड़ चुके संयुक्त मधेशी मोर्चा ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। मधेशीयों वे थारु संगठन के साथ मिलकर संविधान में संशोधन करने की मांग की है। मधेशीयों का आरोप है कि पारित हुए इस नए संविधान में भेदभाव की भावना साफ देखने को मिल रही है। मधेशीयों वे थारु के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शनिवार दोपहर करीव 1 बजे भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली नो मैस लैंड पर…