नेशनल हेराल्ड केसः राहुल व सोनिया गांधी की अर्जियों को अदालत ने कहा निर्थक

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस में अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे राहुल गांधी, सोनिया गांधी व कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ के बदलाव की आशंकाओं के चलते दी गई अर्जी को अदालत ने निर्थक करार दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी की ओर से दाखिल की गई अर्जी में नेशनल होराल्ड केस को जस्टिस सुनील गौड़ की अदालत से जस्टिस पीएस तेजी की अदालत में स्थानांतरित करने का विरोध किया गया था। लेकिन यह अर्जी गुरुवार को जस्टिस सुनील गौड़ के ही सामने पेश की गई जिसे उन्होंने यह कहते हुए निर्थक करार दिया कि इस मामले में पिछले आठ महीनों की सुनवाई उनके सामने हुई है, इसीलिए इस मामले को उनकी अदालत में सुनवाई के लिए सूचिबद्ध किया गया, उन्होने कभी भी इस मामले की सुनवाई करने से इंकार भी नहीं किया। इन परिस्थितियों में इस प्रकार की किसी भी अर्जी को दाखिल करने का कोई औचित्य ही नहीं बनता। इसके बाद राहुल गांधी व सोनिया गांधी की तरफ से खड़े हुए वरिष्ठ वकील व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अर्जी को वापस ले लिया।

आपको बता दें कि इस मामले में बीजेपी के नेता व वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी व उनके करीबी कांग्रेस नेता मोतीलाल बोरा, अहमद पटेल पर आरोप लगाया है कि इन सभी ने एक षड्यंत्र के तहत बंद हो चुके नेशनल हेराल्ड नाम के अखबार के ट्रस्ट के स्वामित्व वाली देशभर में फैली हजारों करोड़ की सम्पत्तियों को चंद करोड़ रुपयों में खरीद लिया। आरोपों के मुताबिक कांग्रेसी नेताओं ने यंग इंडिया नाम से एक कंपनी बनाकर योजनाबद्ध तरीके से नेशनल हेराल्ड ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का कर्जा दिया बाद में नुकसान में चल रहे ट्रस्ट कि सम्पत्तियों को कर्ज के बदले ट्रस्ट की सम्पत्तियों का स्वामित्व ले लिया।