प्रदेश में समाप्त हो चुका है कानून राज: जितिन प्रसाद

लखीमपुर-खीरी। शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और उनके परिवार को यह आभास होना चाहिए कि प्रदेश में अभी थोड़ी बहुत कानून व्यवस्था कायम है आज मनोज मिश्रा का परिवार न्याय की आशा में क्रमिक अंशन पर बैठा है जबकि मनोज मिश्रा स्वयं दूसरों को न्याय दिलाते थे आज उन्हीं के परिवार को न्याय के लिए अनशन करना पड़ रहा है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। उक्त विचार पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने दरोगा मनोज मिश्रा के पैतृक गांव हरदासपुर में व्यक्त किये। जितिन प्रसाद ने हरदासपुर पहुंचकर सबसे पहले शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली दी तथा उनके परिजनो से वार्ता कर हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया।

जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो चुका है कानून के रक्षकों को ही अपनी जान गवानी पड़ रही है आम जनता अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है सरकार का काम प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम करना और प्रदेश के लोगों को सुरक्षित रखना है पर प्रदेश सरकार प्रदेश मे न तो कानून व्यवस्था कायम रख पा रही है और न ही प्रदेश के लोगों को सुरक्षित रखने में कामयाब हो पा रही है सत्ताधारी लोग कानून व्यवस्था को समाप्त करने में लगे हुए है पर प्रदेश की जनता प्रदेश की कानून व्यवस्था को कभी समाप्त नही होने देगी। सत्ताधारी लोग चैन की नींद सो रहे है उन्हें जनता के दुःख से कोई मतलब नही है, प्रदेश सरकार ने शहीद दरोगा के परिजनों को अभी तक किसी प्रकार की कोई सहायता राशि नही दी है जिसके चलते परिवारी जन अपने परिवार के सदस्य को खोने के गम के साथ-साथ आर्थिक तंगी भी उठा रहे है। जितिन ने कहा कि ऐसे में प्रदेश सरकार को तत्काल स्व0 मनोज मिश्रा के परिवार को आर्थिक सहायता देनी चाहिए और परिवार के कम से कम दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देनी चाहिये जिससे परिवार का भरण-पोषण हो सके।

उन्होने कहा कि प्रदेश में किसान नौजवान एवं महिलाएं सभी परेशान है किासनों को उनकी फसल का सही मूल्य नही मिल पा रहा है नौजवान बेरोजगारी के कारण परेशान है और महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है ऐसे में प्रदेश की जनता को जागरूक होना पड़ेगा और अपने अधिकारों के लिए प्रदेश सरकार से संघर्ष करना पड़ेगा। जब तक हम लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग नही होगंे तब तक यह प्रदेश सरकार इसी तरह से हमारे अधिकारों का हनन करती रहेगी। इसके बाद जितिन प्रसाद लखीमपुर स्थित आफीसर कालोनी में अखिलेश पैलवी की पत्नी के निधन पर उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने गये और बाद मे नौरंगाबाद स्थित महीप सिंह चन्देल के आवास पर उनके बड़े भाई दिलीप सिंह चन्देल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की।

लखीमपुर-खीरी से एसडी त्रिपाठी की रिपोर्ट