प्रधानमंत्री बड़े भाई की हैसियत से कहें तो उनका जूता भी उठा लूं: मुनव्वर राणा

लखनऊ| उत्तर प्रदेश के दादरी बिसाहड़ा गाँव में मोहम्मद इखलाक की हत्या के बाद साहित्यकारों की तर्ज पर साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले उर्दू शायर मुनव्वर राणा ने यू टर्न ले लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा है कि अगर मोदी कहें तो मैं उनका जूता उठाने के लिए भी तैयार हूं।

उन्होंने कहा, “मैं अगले हफ्ते पीएम मोदी से मुलाकात करूंगा। पीएम कहेंगे तो अवार्ड वापल ले लूंगा। पीएम को जहमत भी नहीं दूंगा। किसी के भी हाथों से ले लूंगा। सत्ता और ईनाम का शौक नहीं है। सत्ता मेरे शहर की नालियों में बहती है। पीएम से कहूंगा कि वे अपने पास सिर्फ खुशामत करने वाले नहीं रखें। उनके पास नौ रत्न होंगे, लेकिन इनमें एक साहित्यकार भी होना चाहिए। मोदी बड़े भाई की हैसियत से कहेंगे तो उनका जूता भी उठा लूंगा।”

उन्होंने कहा कि मुझे किसी चीज का लालच नहीं है|बस मैं प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहता हूं। मैं उसूलों का पक्का आदमी हूं। अपने उसूलों से कभी पीछे नहीं हटूंगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुनव्वर राणा को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया है। मुनव्वर राणा ने देश के अन्य साहित्यकारों की तरह देश मे बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस कर दिया है।