फेसबुक की मदद से पुलिस ने ढूंढ निकाला डेढ़ साल से लापता किशोर

 

भोपाल| सोशल मीडिया इन दिनों न केवल संवाद का माध्यम बन चुका है बल्कि इसकी मदद से अक्सर खोए लोग भी मिल जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की पुलिस ने डेढ़ साल से लापता एक किशोर को दिल्‍ली से ढूंढ निकाला। मुरैना निवासी किशोर दीपेन्द्र गुर्जर मार्च 2014 में लापता हो गया था। कोचिंग पर जाने के बाद से ही दीपेन्द्र लापता हो गया था।

पुलिस द्वारा पड़ताल से पता चला कि पढ़ाई में मन न लगने के कारण वो घर से भागकर दिल्‍ली पहुंच गया था। मुरैना के पुलिस अधीक्षक विनीत खन्ना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि दीपेन्द्र की गुमशुदगी का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने बताया कि इस कड़ी में हमने दीपेन्द्र नाम से जुड़े काफी फेसबुक अकाउंट की खोजबीन की। पूर्व में वह अपना फेसबुक अकाउंट किसी और नाम से चला रहा था, लेकिन कुछ दिन पहले ही उसने अकाउंट में नाम बदलकर दीपेन्द्र रखा और एक फोटो भी डाली।

अपने फेसबुक अकाउंट पर उसने खुद को एक रेस्टोरेंट का मालिक बता रखा था। पुलिस ने फेसबुक अकाउंट पर लगा उसका फोटो उसके परिजनों को दिखाया जिन्होंने उसके दीपेन्द्र होने की पुष्टि कर दी। उसने खुद को एक रेस्टोरेंट का संचालक बता रखा था, लेकिन असल में वह दिल्‍ली के अजमेरी गेट पर एक ढाबे में मजदूरी कर रहा था। खन्ना के अनुसार इसके बाद सब इंस्पेक्टर नीलम सविता ने उसे एक फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। जिसे उसने तुरंत स्वीकार कर लिया।

सब इंस्पेक्टर नीलम ने बताया कि चैटिंग के दौरान उसने मुझे बताया कि वह एक रेस्टोरेंट का संचालक है। उसने उसे दिल्‍ली में मिलने के लिए कहा। पुलिस के अनुसार फेसबुक चलाने के लिए वह अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहा था। जिससे उसकी मोबाइल लोकेशन ढूंढने में आसानी रही।

इसके बाद सविता पुलिस की एक टीम के साथ मुरैना से दिल्‍ली पहुंच गई। पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने बताया कि पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता था। जबकि उसके परिजन उस पर पढ़ाई के लिए जोर डाल रहे थे इसलिए वह सबकुछ छोड़कर फरार हो गया। इस मामले में पुलिस के इस ‘स्मार्ट वर्क’ पर दीपेन्द्र के परिजन बेहद खुश हैं।

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