बलात्कार जैसे अपराधों के लेकर आप सरकार सख्त, करेंगी नियमों में बदलाव

नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ रहे बलात्कार जैसे अमानवीय आपराधिक मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। लेकिन अब सूबे की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार ने ऐसे घिनौने अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कमर कस ली है। दरअसल, केजरीवाल सरकार महिला सुरक्षा को लेकर कड़े नियम बनाने की कवायद में जुट गई है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को लेकर चर्चा की गई।

कैबिनेट ने यह बैठक उस घटना के बाद की गई जब सूबे के दो अलग-अलग स्थानों पर समाज के अराजकतत्वों ने दो मासूमों  को अपनी हवस का शिकार बनाया और इस जघन्य अपराध को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदेश की पुलिस प्रशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान भी लगाए।    

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल  ने कहा कि सुरक्षा की भावना कम हो रही है। सरकार ने मंत्रियों का एक समूह (GoM) बनाने का फैसला लिया है जो कानून के जानकारों की मदद से फास्ट ट्रैक मोड में बलात्कार और यौन उत्पीड़न के दूसरे मामलों की पड़ताल करेगा। सरकार ज्यादा फास्ट ट्रैक लाने पर विचार कर रही है और इसके लिए फंड भी देने को तैयार है।

केजरीवाल ने बताया कि किसी भी मामले में चार्जशीट और फोरेंसिक रिपोर्ट में देरी होने पर GoM उस पर कार्रवाई करेगा और जिम्मेदार जांच अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। बलात्कार के मामलों की जांच और रिपोर्ट के लिए ज्वाइंट पुलिस स्टेशन बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के खिलाफ अपराधों और सुरक्षा से संबंधित विधेयक पास होने के बाद सरकार एक जांच आयोग का गठन करेगी जो ऐसे मामलों को देखेगा।

केजरीवाल ने कहा कि सरकार नाबालिगों से रेप के आरोपियों की सजा बढ़ाने और समय पर न्याय दिलाने के लिए भी प्रयास करेगी। इसकी जिम्मेदारी भी GoM को सौंपी जाएगी. मंत्रियों का समूह नाबालिगों से रेप के मामले में दोषियों को मौत की सजा या उम्र कैद दिए जाने पर भी विचार करेगा, साथ ही रेप के मामलों में शामिल नाबालिगों की उम्र सीमा 18 से 15 साल करने पर भी फैसला लिया जाएगा।