भाजपा आरक्षण प्रणाली के प्रति ‘प्रतिबद्ध’: अमित शाह

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के चलते राजनीतिक दलों की मुख्य राजनीति जातिगत वोटबैंक पर टिकती नजर आ रही है। ये दल आरक्षण के मुद्दे को को मुख्य हथियार बनाकर प्रयोग करते बाजार आ रहे हैं। फिर चाहे वह कोई चुनावी वादा को या फिर दूसरे दलों पर लगाया जा रहा आरोप। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की अगुआ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने महागठबंधन के उन आरोपों पर पलटवार किया है जिसमें उन्होने भाजपा पर चुनाव के बाद आरक्षण प्रणाली को खत्म कर देने का आरोप लगाया था। अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा आरक्षण प्रणाली के प्रति ‘प्रतिबद्ध’ है।

मालूम हो कि महागठबंधन में शामिल राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव और जदयू नेता व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरक्षण मुद्दे को लेकर लगातार भाजपा पर निशाना बनाए हुए है। अभी बीते दिनों लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने ‘आरक्षण नीति की समीक्षा’ संबंधी आरएसएस मुखिया मोहन भागवत के बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि भाजपा वर्तमान आरक्षण नीति की समीक्षा करेगी या इसे समाप्त कर देगी। उन्होने यह बयान संख्या के आधार पर मजबूत पिछड़े एवं दलित समुदायों से विधानसभा चुनाव प्रचार मुहिम के दौरान दिया था।

शाह ने भागवत द्वारा आरक्षण नीति की समीक्षा संबंधी पिछले महीने की गई टिप्पणी पर सफाई पेश करते हुए कहा कि भाजपा आरक्षण नीति में किसी प्रकार के बदलाव का समर्थन नहीं करती है, बल्कि वह वर्तमान आरक्षण नीति का समर्थन करती है। हम दलितों, जनजातियों, पिछड़े वर्गों और अन्य को दिए गए इन संवैधानिक अधिकारों को अनुल्लंघनीय बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इस मुद्दे को लेकर पार्टी पर निशाना साधे जाने के बीच शाह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार कहा है कि मौजूदा आरक्षण नीति बरकरार रहेगी और बीजेपी का इसमें किसी भी तरह का बदलाव करने का कोई इरादा नहीं है।