भारत-ए ने बांग्लादेश-ए को 96 रनों से रौंदा, गुरकीरत सिंह का आलराउंड प्रदर्शन

बेंगलूरू। भारत-ए और बांग्लादेश-ए के बीच बुधवार को हुए पहले एक दिवसे मुक़ाबले में भारत-ए ने 96 रनों से एक बड़ी जीत दर्ज की है। संजू सैमसन और गुरकीरत सिंह की उम्दा बल्लेबाजी की मदद से भारतीय-ए टीम ने बांग्लादेश –ए के सामने 323 रनों का विशालकाय लक्ष्य रखा था।

जिसका पीछा करते हुए बांग्लादेश–ए 42.3 ओवरों में 226 रनों पर ही सिमट गई। भारत-ए की ओर से संजू सैमसन ने 73 और गुरकीरत सिंह ने 65 रनों की पारी खेली। इनके अलावा मयंक अग्रवाल (56) और ऋषि धवन (56) ने भी अच्छा योगदान दिया।

बल्लेबाजी के अलावा गुरकीरत सिंह ने गेंदबाजी में भी अच्छा योगदान दिया। उन्होने कुल पाँच विकेट हासिल किया। यह मैच बेंगलूरू के एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी उन्मुक्त चंद (16) के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने बांग्लादेश-ए के सामने जीत के लिए 323 रनों का विशाल लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में बांग्लादेशी टीम 226 रन बनाकर 42.3 ओवरों में ढेर हो गई।

भारत की शुरुआत खास नहीं रही और 100 रन के भीतर सुरेश रैना (16) सहित चार अहम बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (56) ने इसके बाद संजू सैमसन (73) के साथ पांचवें विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला। संजू ने गुरकीरत के साथ भी छठे विकेट के लिए 6.87 के औसत से 102 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। संजू और रिषि धवन (नाबाद 56) के बीच सातवें विकेट के लिए मात्र आठ ओवरों में 78 रनों की साझेदारी ने भारतीय टीम को 300 के पार पहुंचा दिया।

संजू सैमसन 76 गेंदों पर आठ चौके लगाकर 305 के कुल योग पर आखिरी विकेट के रूप में पवेलियन लौटे। धवन ने इस बीच 34 गेंदों की नाबाद पारी में धुआंधार आठ चौके और दो छक्के लगाए। भारतीय टीम ने इसके बाद गेंदबाजी में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 87 रनों के कुल योग पर बांग्लादेशी टीम के पांच विकेट चटका डाले। श्रीकांत अरविंद ने चौथे ओवर की चौथी और पांचवीं गेंद पर लगातार दो विकेट चटका डाले। अपने अगले ही ओवर में अरविंद ने सलामी बल्लेबाज रोनी तालुकदार (13) को भी पवेलियन की राह दिखा दी। कप्तान मोमिनुल हक (19) और सब्बीर रहमान (25) के विकेट धवन ने चटकाए। लिटन दास (75) ने इसके बाद नासिर हुसैन (52) के साथ छठे विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी कर टीम को संभालने की काफी कोशिश की, हालांकि इस जोड़ी के टूटते ही बांग्लादेशी टीम का संघर्ष भी जवाब दे गया। गुरकीरत ने आखिरी के पांचों विकेट अपने नाम किए। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली।