मा.शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष सनिल कुमार को हाईकोर्ट ने किया बर्खास्त

इलाहाबाद| उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के अध्यक्ष सनिल कुमार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को पद से हटा दिया| कोर्ट ने अध्यक्ष व बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया| इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सनिल कुमार पद के लिए योग्यता नहीं रखते हैं,सनिल कुमार की नियुक्ति नियम विरुद्ध हुई|

डॉ सनिल कुमार से पहले बोर्ड की चेयरमैन रही डॉ अनीता यादव की नियुक्ति को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत मानते हुए उनके व दो सदस्यों के काम करने पर इसी साल पांच जुलाई को रोक लगाई थी। रोक लगने के बाद ही सरकार ने अनीता यादव को हटाकर डॉ सनिल कुमार को नया चेयरमैन बनाया था।

इलाहाबाद स्थित माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड यूपी भर के इंटर व दूसरे माध्यमिक कॉलेजों में प्रिंसिपल और लेक्चरर की भर्ती करता है। नियम के मुताबिक बोर्ड का चेयरमैन कोई कुलपति या इसके बराबर की रैंक का शिक्षाविद या फिर प्रशासनिक सेवा में सचिव रैंक का अफसर ही हो सकता है। विशेष हालात में शिक्षा के क्षेत्र में कोई खास उपलब्धि हासिल करने वाले को भी इस पद पर बिठाए जाने की छूट है।

अखिलेश यादव सरकार ने इसी छूट के आधार पर कई नियुक्तियां की। अनीता यादव और डॉ सनिल कुमार भी इसी कैटेगरी में शामिल हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार गोयल की अर्जी में कहा गया है कि डॉ सनिल कुमार की नियुक्ति सरकार ने नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से की है, इसलिए उन्हें बर्खास्त किया जाए। जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस अश्विनी मिश्रा की डिवीजन बेंच ने आरोपों को फिलहाल सही मानते हुए नियुक्ति से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब कर लिए और सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा।