मुआवजे को लेकर भेदभाव न करे सपा सरकार: राज्यपाल

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में हुए दादरी कांड मामले ने राजनीतिक गलियारों में कोहराम मचा रखा है। इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की सरकार से केंद्र की सत्तारूढ़ राजग सरकार की अगुआ भाजपा तक विपक्षी पार्टियों के निशाने पर बने हुए हैं। ऐसे में सपा सरकार और केंद्र सरकार के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में भाजपा नेता रह चुके यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने भी सपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि मुआवजे को लेकर सरकार को भेदभाव नहीं करना चाहिए।

राज्यपाल बुधवार को कानपुर आईआईटी कॉलेज में आयोजित इंडियन साइंस और टेक्नॉलजी सेमिनार-2015 के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर रहे थे। इस समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नाईक ने कहा कि सरकार को भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होने कहा कि अखलाक के परिवार को तो सरकार ने सहायता राशि दे दी, लेकिन उन परिवारों का क्या जिन्होंने अपनों को खोया। जिस तरह सरकार ने अखलाक के परिवार की मदद की, उसी तरह अन्य मामलों में भी विचार करना चाहिए।

सेमिनार में राज्यपाल ने कहा कि मुझे राज्यपाल बने चौदह महीने बीत चुके हैं, लेकिन कानपुर आईआईटी कॉलेज में पहली बार आया हूं। मैं चाहूं तो कहीं भी जा सकता हूं, लेकिन मुझे प्रोटोकॉल के अनुसार ही चलना है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की बात सोचते ही मेरी आंखों के सामने देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की छवि आ जाती है। यहां राज्यपाल ने एक किताब का विमोचन भी किया।

राज्यपाल ने कहा कि हम आज भी विज्ञान में पिछड़े हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नारा दिया था, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान।  सूर्य नमस्कार पर उन्होने कहा कि सूर्य नमस्कार भी एक विज्ञान है। इसे हर स्कूल में करवाना चाहिए। वास्तुशास्त्र के हिसाब से बना ताजमहल और भूलभुलैया भी एक आधुनिक विज्ञान का बेजोड़ नमूना है। उन्होंने कहा कि गाय का गोबर एक ऐसी खाद है जो खेती के लिए बहुत ही फायदेमंद है। ये भी विज्ञान का ही एक नमूना है।