‘मैं रघुराम राजन हूँ और जो मेरा काम है मैं वही करता हूँ’

मुंबई। ‘मैं संता क्लोस नहीं, मैं रघुराम राजन हूँ और जो मेरा काम है मैं वही करता हूँ।’ आप सही समझे, यह वक्तव्य आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन का है जिन्होने मंगलवार को एक संवादाता सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। दरअसल, मंगलवार को रघुराम राजन ने नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की, जिसके बाद उन्हे संता क्लोस के नाम से नवाजा जा रहा था। खुद को मिली इसी संज्ञा पर अपनी प्रतिकृया व्यक्त करते हुए रघुराम राजन ने यह बात कही।

राजन ने मंगलवार को उम्मीद से ज्यादा नीतिगत दर (रेपो) में 0.50 प्रतिशत की कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद आम लोगों की ईएमआई घटने के आसार बढ़ गए हैं। आरबीआई के इस ऐलान से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि रिजर्व बैंक 0.25 प्रतिशत तक की कटौती कर सकता है। पिछले तीन साल से भी अधिक समय में यह नीति गत में सबसे बड़ी कटौती है। इससे पहले अप्रैल 2012 में नीतिगत दर में आधा प्रतिशत कमी कर उसे 8.50 से घटा कर 8.00 प्रतिशत किया था।

आपको बता दें कि राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा अपनी जरूरतों के हिसाब से आरबीआई से उधार (loan) लेना पड़ता है। आरबीआई भी इन बैंकों से वैसे ही कर्ज वसूलती है जैसे ये बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से वसूलते हैं। आरबीआई द्वारा बैंकों से वसूलने वाले ब्याज दर को ही नीतिगत दर कहा जाता है। इसलिए अब उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रीयकृत बैंक भी अपने ब्याज दर में कमी लाएँगे जिससे ग्राहकों पर से ईएमआई का बोझ कम हो जाएगा।