मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ को लगा झटका, ‘मेड इन चाइना’ होगी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक बड़ा झटका उस वक्त लगा है जब उन्ही के द्वारा शुरू किए गए परियोजना सरदार वल्लभभाई पटेल के स्टैच्यू के निर्माण कार्य में चीन की मदद लेने की बात सामने आई है। दरअसल, बताया जा रहा है कि नर्मदा जिले के साधु बेत में बनने वाले स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण के लिए हजारों चीनी मजदूरों को इस वर्ष के अंत तक भारत में बुलाये जाने की उम्मीद है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि इस स्टैच्यू का कांस्य वाला हिस्सा भी चीन के एक ढलाई करने वाली कंपनी में बनाया जाएगा।

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होने लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में उनकी एक विशालकाय प्रतिमा का शिलान्यास किया था इस परियोजना का शुभारंभ किया था। उसके बाद वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने उन्हे प्रधानमंत्री का उम्मीदवार चुना। चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में राजग सरकार बनी और मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होने कई अभियानों की शुरुआत की जिसमें ‘मेक इन इंडिया’ भी शामिल है जिसका मकसद देश को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना है।

वहीं अब खबर मिली है कि मोदी द्वारा शुरू किए गए इस परियोजना में गुजरात सरकार ने उन्ही के अभियान को ताख पर रखते हुए चीन की मदद ले रही है। इस बात का पता चलने पर कांग्रेस ने इस परियोजना की आलोचना की है और कहा है कि यह पीएम द्वारा लॉन्च किए गए ‘मेक इन इंडिया’ की पराजय है।

हालांकि गुजरात सरकार ने कहा है कि इस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है कि कांन्ट्रैक्ट लेने वाली कंपनी सामग्री कहां से लाती है। मालूम हो कि लार्सन एंड टर्बो कंपनी (एलएंडटी) ने 3000 करोड़ रुपए में इस परियोजना का कांट्रैक्ट हासिल किया है। उसने स्टैच्यू के कांस्य वाले हिस्से की ढलाई का काम नानचांग की कंपनी टीक्यू आर्ट फाउंड्री को दिया है।