मौलवियों का फरमान, बिहार चुनाव में उम्मीदवारी से दूर रहे मुस्लिम महिलाएं

पटना। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पाले मौलवियों के एक संगठन ने राजनीतिक दलों को तगड़ा झटका दिया है।  मौलवियों के संगठन मजलिस-ए-शूरा-उलेमा ने मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के लिए फरमान जारी करते हुए चुनाव लड़ने के संवैधानिक अधिकार से दूर रहने को कहा है। वे इसे इस्लाम विरोधी बता रहे हैं। संगठन के इस फरमान के बाद से राजनीतिक दलों में कोहराम मच गया है। उन्होने यह आदेश पिछले सप्ताह 23 सितंबर को जारी किया।  

मौलवियों द्वारा जारी किए गए फरमान के अनुसार, महिलाओं का चुनाव लडना इस्लाम विरोधी है। जारी फरमान में कहा गया है कि नगर निगम का चुनाव नहीं लड़ें और इससे दूर रहें। यह फरमान उन्होंने पिछले सप्ताह जारी किया जिसमें महिलाओं को चुनाव से दूर रहने को कहा गया है। 23 सितंबर को जारी आदेश में लिखा गया कि शरिया और दो दूसरे कानून इस्लाम में पाक हैं और महिलाओं को चुनाव में हिस्सा लेने से बचना चाहिए।

आपको बता दें कि संगठन का यह आदेश उस वक्त आया जब राजनीति राजनीतिक पार्टियां अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में लगी थी। उसी समय संगठन ने यह फरमान जारी कर राजनीतिक दलों के बीच बांटा था। राजनीतिक दलों के बीच बांटे गए फरमान ने हदकप्म्प मचा दिया है। दरअसल, राजनीतिक पार्टियों ने इस चुनाव में उम्मीदवार के रूप में 20 मुस्लिम महिलाओं का चयन किया है। हालांकि इस फरमान पर किसी के भी दस्तखत नहीं हैं।

मालूम हो कि मजलिस-ए-शूरा-उलेमा नाम की यह संस्थान कोल्हापुर शहर की मस्जिदों पर नियंत्रण रखती है, जिसमें करीब 40 से 50 मौलवी जुड़े हुए हैं। हालांकि मुस्लिम समुदाय के इमामों की एक संस्थान हिलाल कमेटी ने इस फरमान को असंवैधानिक बताया है और इसकी जमकर निंदा की है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मुस्लिम नेता फराज ने भी इस फरमान पर आपत्ति जताई है और कहा कि यह एक हास्यास्पद और निंदनीय बयान है।

आपको बता दे कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों ने जाति, धर्म और वर्ग को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति तैयार की है। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस-जदयू-राजग ने तो जिस क्षेत्र में जिस जाति की अधिकता है उसी जाति के उम्मीदवार को टिकट दिया है। ऐसे में कई सीमांचल क्षेत्रों में जिसकी गिनती मुस्लिम अधिकाय क्षेत्रों में की जाती है में राजनीतिक दलों ने मुस्लिम उम्मीदवार को ही मैदान में उतारा है।