यादव सिंह के खेतों तक पहुंची सीबीआई, प्रापर्टी कारोबार से जुड़े करीबियों की बढ़ेंगी मुश्किलें

नई दिल्ली| नोएडा, नोएडा विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे के चीफ इंजीनियर रही यादव सिंह की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है| इनके खिलाफ जाँच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की जांच का दायरा अब यादव सिंह के नाम पर दर्ज खेती की जमीन तक पहुंच गया है। सीबीआई ने यादव सिंह के साथ ही परिजनों के नाम पर दर्ज खेती की जमीन का भी ब्यौरा मांगा है।

बताया जा रहा है कि सीबीआई की तरफ से रजिस्ट्री विभाग को पत्र मिला है। जिसमें यादव सिंह, उनकी पत्नी कुसुमलता, बेटा सनी यादव व दोनों बेटियों सहित अन्य परिजनों के नाम दर्ज जमीनों का ब्यौरा शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। पत्र में पर्थला खंजरपुर की जमीन का खासतौर पर जिक्र किया गया है।

सूत्र बताते हैं कि यादव सिंह किसानों से कौड़ियों के भाव जमीन खरीदते थे। जिसे वह अपने रिश्तेदारों व करीबियों के नाम कराता था| इसके अलावा यादव सिंह से खरीदी गई जमीन प्राधिकरण भी अधिग्रहीत करता था। इसके बदले भारी-भरकम मुआवजा और पांच फीसदी आवासीय भूखंड मिल जाता था।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि यादव सिंह ने जिन लोगों से संपत्ति खरीदी है और जिन लोगों को बेची है, दोनों ही सीबीआई के रडार पर हैं। पत्र मिलने के बाद रजिस्ट्री विभाग इसका पूरा ब्यौरा तैयार करने में जुट गया है। मालूम हो कि सीबीआई इससे पहले यादव सिंह, उनकी पत्नी और परिजनों के नाम पर दर्ज आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रापर्टी का ब्यौरा ले चुकी है। इसके जरिये कई लोग जांच के दायरे में आ चुके हैं।