1. हिन्दी समाचार
  2. रक्षा उत्पादन में 74 फीसदी तक FDI का ऐलान

रक्षा उत्पादन में 74 फीसदी तक FDI का ऐलान

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

नई दिल्ली: कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त से जुड़े ऐलान शनिवार को हुए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार चौथा दिन प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बताया कि रक्षा निर्माण में एफ़डीआई को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन में एफ़डीआई की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर अब 74 प्रतिशत कर दी गई है।

पढ़ें :- ट्रैक्टर रैली बवालः दिल्ली पुलिस कमिश्नर बोले-हिंसा में शामिल किसी को नहीं छोड़ा जायेगा

इसके अलावा सरकार डिफेंस प्रोडक्शन में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ऐसे हथियार, वस्तुओं, स्पेयर्स को नोटिफाइ करेगी जिसमें आयात को बैन किया जाएगा और उनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी। ऑर्डिनंस फैक्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन किया जाएगा इसका प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा।

सीतारमण ने कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने की बात की है, हमें कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिये खुद को तैयार करना होगा और वैश्विक मूल्य श्रृंखला की चुनौतियों का सामना करने के लिये तैयार रहना होगा।” वित्त मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए लैंड बैंक, क्लस्टर की पहचान की गई है। अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए जीआईएस मैपिंग के द्वारा 5 लाख हेक्टेयर जमीन भविष्य के इस्तेमाल के लिए सभी इंडस्ट्रियल पार्क की रैकिंग होगी।

सीतारमण ने कहा कि कई क्षेत्रों में नीतियों को सरल बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को यह समझना सरल हो कि इस क्षेत्र से क्या मिल सकता है, लोगों की भागेदारी बढ़े और पारदर्शिता आ सके। हम ऐसा करके किसी क्षेत्र के विकास और नौकरियों को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन शुरू होगा और सरकार का एकाधिकार समाप्त होगा। कोयला उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता कैसे बने और कैसे कम से कम आयात करना पड़े, इसपर काम करना है। ज्यादा से ज्यादा खनन हो सके और देश के उद्योगों को बल मिले इसके लिए 50 नए ब्लॉक खनन के लिए नीलामी पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए नियमों में ढील दी जाएगी। कोयला से गैस बनाने के लिए नए आवंटन किए जाएंगे और उन्हें प्रोत्साहन दिया जाएगा। पात्रता की बड़ी शर्तें नहीं रहेंगी, कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी।

वायुक्षेत्र को लेकर ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि भारत वायुक्षेत्र की पाबंदी को सरल और सुगम बनाने के लिए हम एयरफोर्स के साथ समन्वय करेंगे। फ्यूल की बचत होगी और पर्यावरण को नुकसान भी होगा। उन्होंने कहा कि यात्री उड़ानों के लिए भारतीय वायु मार्गों पर लगी पाबंदियों में लिये ढील दी जायेगी। उन्होंने बताया कि छह और हवाईअड्डों में निजी कंपनियों की भागीदारी के लिये नीलामी की जायेगी और पीपीपी मॉडल से 6 हवाई अड्डों को विकसित किया जाएगा। 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आएगा।

पढ़ें :- ट्रैक्टर रैलीः कांग्रेस का आरोप, उपद्रवियों को छोड़ संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं पर दर्ज हो रहा मुकदमा

सीतारमण ने आगे कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का निजीकरण किया जायेगा। इससे ग्राहकों को अच्छी सेवा मिलेगी और कंपनियों को लाभ होगा। बता दें कि संकट में फंसी बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम को 90,000 करोड़ रुपये की नगद मदद का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ही तीसरी प्रेस कांन्फ्रेंस में किया था।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...