रजत जंयती समारोह में सपा ने दिखाया दम, महागठबंधन दूर की कौड़ी

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा शनिवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क में आयोजित रजत जयंती समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही अन्य दलों के बड़े नेताओं का जोश भी देखने काबिल रहा। महागठबंधन की संभावनाओं के लिए अहम माने जा रहे इस आयोजन में जदयू से शरद यादव तो राजद से लालू प्रसाद यादव, रालोद प्रमुख अजीत सिंह, जनता दल सेकुलर के प्रमुख व पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा समेंत कई दिग्गज मंच पर नजर आए। तो वहीं दूसरी ओर घरेलू कलह से उबरने की कोशिश में लगे सपा सुप्रीमोे मुलायम सिंह यादव के कुनबे के भी तमाम सदस्यों ने मंच पर एक साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को आॅल इज वेल का संदेश देने की कोशिश की।




इस समारोह को सपा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। एक ओर शिवपाल यादव ने इस आयोजन की सफलता का श्रेय लेने के लिए अखिलेश गुट के पार्टी से निष्कासित नेताओं को आयोजन से दूर रखने का पुरूजोर प्रयास किया है। वहीं दूसरी ओर चाचा शिवपाल और भतीेजे सीएम अखिलेश यादव के बीच सुधरते संबधों की झलक भी देखने को मिली।




सपा के इस आयोजन के मंच से विधानसभा चुनावों से पूर्व महागठबंधन की संभावनाओं की उम्मीद की जा रही थी। ​सपा के विरोधी दलों की नजरें भी इसी वजह से इस आयोजन पर टिकी हुईं थीं, लेकिन जैसे—जैसे आयोजन आगे बढ़ता गया वैसे—वैसे महागठबंधन की बातें हवा होती नजर आईं। महागठबंधन की पहल करने वाले जदयू के ​वरिष्ठ नेता शरद यादव ने स्वयं ही अपने बयान में स्पष्ट कर दिया कि अभी महागठबंधन को लेकर चर्चा नहीं हुई हैं। हालांकि ऐसी खबरें आई थीं​ कि समारोह स्थल पहुंचने से ठीक पहले सभी नेताओं से सीएम अखिलेश यादव ने शिष्टाचार के चलते मुलाकात की थी। जहां इन लोगों के बीच यूपी चुनाव में गठबंधन को लेकर बातचीत भी हुई है।




विधानसभा चुनावों के मुहाने पर खड़े सूबे की सत्तारूढ़ सपा के लिए यह आयोजन बेहद अहम माना जा रहा था। उम्मीद के मुताबिक इस समारोह में प्रदेश भर से आए समाजवादी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जिसका असर राजधानी के गोमतीनगर इलाके में देखने को मिला जहां हर सड़क पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर लखनऊ पहुंची बसों का जमावड़ा शुक्रवार देर रात से ही लगना शुरू हो गया। लखनऊ की सड़कों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के आने का यह सिलसिला दोपहर तक जारी रहा।