राजग ने 3 साल भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया: अमित शाह

हैदराबाद: देश में सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष और गुजरात के नारनपुरा से विधायक अमित शाह ने दक्षिणी राज्य में मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने पिछले तीन वर्षो के दौरान देश में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन दिए हैं। शाह ने अपने तीन दिवसीय तेलंगाना दौरे के दूसरे दिन नलगोंडा में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यहां तक कि राजनीतिक विरोधी भी राजग सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सके।




शाह ने कहा कि राजग ने 26 मई, 2014 को सत्ता संभाली थी। इसके पहले के संप्रग शासन के दौरान कई सारे भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि राजग के तीन साल के कामकाज की जांच किस एजेंसी से कराई गई और किसने कब क्लीनचिट दे दी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए 65 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप का क्या हुआ, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया है। इसी तरह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जो आरोप लगाया कि मोदी ने बतौर रिश्वत बिड़ला ग्रुप से 25 हजार करोड़ रुपये लिए, उसका समुचित जवाब दिए बिना लोगों के मन में बसी आशंका दूर नहीं हो सकती।

अपना धर्म निभाते हुए शाह ने कहा कि संप्रग शासन में नीति-पंगुता थी, सीमाएं असुरक्षित थीं, युवा नाराज थे और महिलाओं में असुरक्षा की भावना थी। मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि विकास दर 4.4 प्रतिशत से बढ़कर 7.25 प्रतिशत हो गई और उसके बाद 7.6 प्रतिशत। इसके साथ ही भारत दुनिया के सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बन गया। उन्होंने कहा कि महंगाई घटी है, सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी बढ़ी है, प्रत्येक्ष विदेशी निवेश एफडीआई बढ़ी है, और विदेशी पूंजी भंडार में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।




शाह ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक ने भारत को एक मजबूत देश के रूप में प्रस्तुत किया है और एक बार में 104 उपग्रहों को छोड़े जाने से देश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक वैश्विक नायक बन गया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार द्वार तीन वर्षो में लांच की गई कई योजनाओं ने गरीबों और समाज के अन्य वर्गो के उत्थान में मदद की है। उन्होंने कहा कि जन धन योजना के तहत 28 करोड़ परिवारों के बैंक खाते खोले गए, मुद्रा योजना के तहत छोटे कारोबारियों को ऋण दिए गए, और पिछले 40 सालों से लटके वन रैंक वन पेंशन योजना का समाधान निकाला गया।

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