राजधानी में भीषण सड़क हादसा, चालक समेत तीन की मौत

लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज में सोमवार की आधी रात गौरा गांव की मोड़ के निकट हाईवे पर तेज रफ्तार कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रही डीसीएम भिड़ गयी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डीसीएम के परखच्चे उड़ गए और चालक समेत अन्य लोग गाड़ी में बुरी तरह फंस गए।

मौके पर पहुंची पुलिस व एनएच कर्मियों ने लोहे के राॅड के सहारे डीसीएम में फंसे लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक चालक समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक अन्य को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

घटना के बाद चालक कंटेनर समेत मौके से फरार हो गया। मृतक डीसीएम चालक के भाई की तहरीर पर अज्ञात कंटेनर चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। 

इंस्पेक्टर एसएन राय के मुताबिक एक निजी ट्रांसपोर्ट कम्पनी की डीसीएम सोमवार की रात किताबें लादकर लखनऊ जा रही थी तभी लखनऊ-रायबरेली राजमार्ग पर गौरा गांव की मोड़ के निकट रात लगभग 12.30 बजे डीसीएम के आगे चल रहे तेज रफ्तार कंटेनर के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी जिससे पीछे आ रही डीसीएम कंटेनर में जा भिड़ी ।
 
जिससे निगोहां के हरबंश खेड़ा निवासी डीसीएम चालक चन्द्रशेखर (34), मजदूर मनीष (20), विनोद (21) व खलासी उमेश(30) डीसीएम में बरी तरह फंस गए। वहीं टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण जग गए और उन्होनेे मौके पर पहुंचकर मामले की सूचना पुलिस को दी।
 
कुछ ही देर में पुलिस व एनएचएआई कर्मी मौके पर पहुंचे और लोहे की राॅड की मदद से डीसीएम में फंसे लोगों का बाहर निकाला लेकिन तब तक चन्द्रशेखर व मजदूर मनीष , विनोद की मौत हो चुकी थी। मामले में मृतक डीसीएम चालक के भाई अभिलेष ने अज्ञात कंटनेर चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है ।
 
घायलों को बाहर निकालने के बजाए फोटो लेने में जुट गए एनएच कर्मी
 
भीषण दुर्घटना की सूचना पर पहुंचे एनएचएआई के कर्मचारियों ने डीसीएम में फंसे घायलों को निकालने के बजाए प्राथमिकता उनकी फोटो खींच कर वाट्सएप पर डालने को दी। यह देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों ने इस संवेदनहीनता का विरोध किया तब जाकर एनएच कर्मी हरकत में आए और घायलों को डीसीएम से निकालने में जुट गए।