राजा भैया की मुश्किलें बढ़ी, सुरेश यादव हत्याकांड में 15 लोग सीबीआई कोर्ट में तलब

राजा भैया की मुश्किलें बढ़ी, सुरेश यादव हत्याकांड में 15 लोग सीबीआई कोर्ट में तलब

लखनऊ। खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को कुंडा के सीओ रहे जियाउल हक हत्याकांड में भले ही क्लीन चिट मिल गई हो, पर इसी प्रकरण के दौरान सुरेश यादव की हत्या के मामले में केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) की विशेष अदालत ने उन्हें प्रथमदृष्टया आरोपी मानते हुए तलब कर लिया है। सीबीआई ने 2013 के इस मामले में सुरेश की मौत को हादसा बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने बृहस्पतिवार को सुरेश यादव की मौत को हत्या बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी और राजा भैया, अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी समेत 15 आरोपियों को हत्या, हत्या की साजिश, बलवा करने और सुबूत मिटाने के आरोपों में तलब किया है। अगली सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।

सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार प्रथम ने प्रतापगढ़ के कुंडा में विगत दो मार्च 20013 को हुई सुरेश यादव की हत्या के मामले में प्रदेश के मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी, गुड्डू सिंह, तत्कालीन एसओ हथिगवां मनोज कुमार शुक्ल व शहीद डिप्टी एसपी जियाउल हक के गनर इमरान सिद्दीकी समेत 15 लोगों को विचारण के लिए तलब कर लिया है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए आगामी तीन अक्टूबर को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।

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इस मामले में सीबीआई ने राजा भैया समेत सभी आरोपितों को क्लीन चिट देते हुए अदालत में फाइनल रिपोर्ट लगायी थी, जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने गुरूवार को दिए 54 पन्नों वाले आदेश में कहा है कि न्यायालय का यह मत है कि सुरेश यादव की हत्या रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी, पीए जीवेन्द्र पाल, संजीव कुमार सिंह, गुड्डू सिंह उर्फ संजय प्रताप सिंह, राजीव प्रताप सिंह द्वारा षडयंत्र करके नन्हें सिंह, बुल्लेपाल, मुन्ना, कामता पाल, अजय पाल, विजय पाल के द्वारा मनोज कुमार शुक्ल तत्कालीन थानाध्यक्ष हथिगवां, प्रभारी निरीक्षक कुंडा सर्वेश कुमार सीओ जियाउल हक के गनर इमरान सिद्दीकी के सहयोग से हत्या कराया जाना स्पष्ट रूप से प्रथम दृष्टया साबित होता है।

कोर्ट ने माना है कि घटना से पूर्व आरोपित लगातार आपस में सम्पर्क में थे। राजा भैया की प्रतापगढ़ वाली कोठी में प्रोटेस्टकर्ता पवन यादव को बंधक बनाकर दो तहरीर लिखवाने से यह स्पष्ट है कि इस पूरे मामले की जानकारी राजा भैया को थी। सुरेश यादव की हत्या साजिशन उपरोक्त लोगों द्वारा करायी गयी है। आपको बता दें कि 2 मार्च 2013 को कुंडा के प्रधान नन्हे यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलने पर सीओ जियाउल हक के नेतृत्व में कुंडा व हथिगंवा की पुलिस मौके पर पहुंची।

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उसी दौरान नन्हे के भाई सुरेश की हत्या के बाद सीओ जियाउल की भी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन रिपोर्ट दर्ज कराई गई थीं। सीओ की हत्या को लेकर पत्नी परवीन आजाद तथा थानाध्यक्ष हथिगंवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, सुरेश यादव की हत्या के संबंध में पवन कुमार यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों मामलों की विवेचना के बाद सीबीआई ने सुरेश यादव की हत्या को हादसा बताया था।

खबर यह भी आ रही है कि कुंडा के मृत सीओ जियाउल हक की पत्नी डॉ. परवीन आजाद को राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षाकर्मी मुहैया करा दिए गए हैं। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन और न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने मुख्य स्थायी अधिवक्ता को इस संबंध में समुचित हलफनामा पेश करने को कहा है। इससे पहले परवीन आजाद ने सुरक्षा मुहैया करवाने की गुजारिश कोर्ट से की थी।

कोर्ट में संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य स्थायी अधिवक्ता मोहम्मद मंसूर ने अदालत को आश्वस्त किया था कि परवीन को सरकारी सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने लखनऊ के एसएसपी का 11 सितंबर का आदेश पेश कर परवीन की सुरक्षा में तैनात किए गए सुरक्षाकर्मियों का ब्यौरा दिया। उधर, याची के अधिवक्ता ने भी परवीन को सुरक्षा मिलने की बात स्वीकार की।

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