राज्यसभा में विपक्ष ने उठाया JNU फीस बढ़ोतरी का मुद्दा, BJP सांसद ने आंदोलन को बताया औचित्यहीन

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राज्यसभा में विपक्ष ने उठाया JNU फीस बढ़ोतरी का मुद्दा, BJP सांसद ने आंदोलन को बताया औचित्यहीन

नई दिल्ली। राज्यसभा में आज विपक्षी दलों ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्विवद्यालय (जेएनयू) में फीस बढ़ोत्तरी का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। वहीं भाजपा के एक सदस्य ने फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में चल रहे आंदोलन को औचित्यहीन बताया।

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शून्यकाल में माकपा के राज्यसभा सदस्य केके रागेश ने सभापति की अनुमति से जेएनयू में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में सरकार को उसके फैसले की समीक्षा करने का सुझाव दिया। उन्होंने फीस बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ छात्र आंदोलन को दबाने के लिये की गयी पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की। विपक्षी दलों के विभन्न सदस्यों ने रागेश द्वारा उठाये गये इस विषय से स्वयं को संबद्ध करते हुए इसका समर्थन किया।

इस दौरान भाजपा सांसद प्रभात झा ने शून्यकाल के दौरान जेएनयू में फीस बढ़ोतरी और छात्रों के अधिकारों के नाम पर चल रहे आंदोलन के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जेएनयू का गौरवशाली इतिहास रहा है। पिछले कुछ सालों से जेएनयू परिसर में छात्र आंदोलनों की आड़ में देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की।

शून्य काल में भाजपा के विजय गोयल ने दिल्ली में दूषित हवा के साथ दूषित पानी का संकट गहराने का मुद्दा उठाया। गोयल ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से कहा कि दिल्ली में पानी की कुल मांग की आधी आपूर्ति टैंकर और बोरिंग के पानी से होती है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति किया जाने वाला 40 प्रतिशत पानी लीकेज के कारण बर्बाद हो जाता है। यमुना में 60 प्रतिशत दूषित पानी मिल रहा है। गोयल ने कहा कि दिल्ली के लगभग सभी जलस्रोत दूषित हो चुके है। गोयल द्वारा पेश किये गये आंकड़ों को गलत बताते हुये आप के सदस्य संजय सिंह ने इसका विरोध किया।

नई दिल्ली। राज्यसभा में आज विपक्षी दलों ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्विवद्यालय (जेएनयू) में फीस बढ़ोत्तरी का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। वहीं भाजपा के एक सदस्य ने फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में चल रहे आंदोलन को औचित्यहीन बताया। शून्यकाल में माकपा के राज्यसभा सदस्य केके रागेश ने सभापति की अनुमति से जेएनयू में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में सरकार को उसके फैसले की समीक्षा करने का सुझाव दिया। उन्होंने फीस बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ छात्र आंदोलन को दबाने के लिये की गयी पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की। विपक्षी दलों के विभन्न सदस्यों ने रागेश द्वारा उठाये गये इस विषय से स्वयं को संबद्ध करते हुए इसका समर्थन किया। इस दौरान भाजपा सांसद प्रभात झा ने शून्यकाल के दौरान जेएनयू में फीस बढ़ोतरी और छात्रों के अधिकारों के नाम पर चल रहे आंदोलन के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जेएनयू का गौरवशाली इतिहास रहा है। पिछले कुछ सालों से जेएनयू परिसर में छात्र आंदोलनों की आड़ में देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की। शून्य काल में भाजपा के विजय गोयल ने दिल्ली में दूषित हवा के साथ दूषित पानी का संकट गहराने का मुद्दा उठाया। गोयल ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से कहा कि दिल्ली में पानी की कुल मांग की आधी आपूर्ति टैंकर और बोरिंग के पानी से होती है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति किया जाने वाला 40 प्रतिशत पानी लीकेज के कारण बर्बाद हो जाता है। यमुना में 60 प्रतिशत दूषित पानी मिल रहा है। गोयल ने कहा कि दिल्ली के लगभग सभी जलस्रोत दूषित हो चुके है। गोयल द्वारा पेश किये गये आंकड़ों को गलत बताते हुये आप के सदस्य संजय सिंह ने इसका विरोध किया।