रामगोपाल यादव पार्टी से बर्खास्त, शिवपाल ने लगाए थे आरोप

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने रविवार को घर में मचे घमासान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर कर दिया है। मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव की बर्खास्तगी को लेकर आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।




पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि रामगोपाल यादव सीबीआई जांच में फंसे अपने बेटे अक्षय यादव व पुत्र वधु को बचाने के लिए बीजेपी से मिलकर पार्टी और नेता जी के मिशन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। नोएडा अथॉरिटी में चीफ इंजीनियर यादव सिंह के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के साथ वह लागातार पार्टी के कार्यकर्ता को अपमानित करते आ रहे हैं। रामगोपाल यादव लगातार बीजेपी के कुछ नेताओ के संपर्क में लगातार बने हुए हैं।

शिवपाल यादव ने रामगोपाल यादव पर पार्टी के भीतर गुटबाजी करने और षड्यंत्र रचने के आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वे अपनी मेधा का प्रयोग समाजवादी विचार धारा को आगे बढ़ाने का काम करते तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव लगातार गलत धारणाएं तैयार करके पार्टी का नुकसान करते रहे हैं। रामगोपाल यादव की वजह से ही नेता जी के नेतृत्व में बना महागठबंधन टूटा। तमाम वजहों का हवाला देते हुए शिवपाल यादव ने पार्टी सुप्रीमो के आदेश का हवाला देते हुए रामगोपाल यादव को राष्ट्रीय महासचिव के पद और पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेदारी से 6 साल के लिए बर्खास्त करने की घोषणा कर दी।




आपको बता दें कि शिवपाल यादव और सीएम अखिलेश यादव के बीच चल रही वार्चस्व की लड़ाई में रामगोपाल यादव ही एक ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार अखिलेश यादव का समर्थन करते आ रहे थे। रामगोपाल यादव सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई हैं।