रेल नीर घोटाला मामले में दो अधिकारियों पर गिरि गाज, रेल मंत्री ने किया निलंबित

नई दिल्ली। देश में फैले भ्रष्टाचार की जड़े इतनी गहरी हो चली है कि कोई भी सरकारी विभाग इसकी चपेट में आने से बचा नहीं है। फिर चाहे वह किसी राज्य का पुलिस प्रशासन हो या फिर केंद्र का रेल विभाग। रेल विभाग के ऐसे ही दो भ्रष्ट अधिकारियों पर इस बार रेलवे मंत्रालय का चाबुक चला है। सीबीआई अधिकारियों द्वारा मारे गए छापे के बाद मंत्रालय ने ट्वीट कर इन दोनों अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे रीट्वीट भी किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर रेलवे के तत्कालीन मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों (पीएस एवं कैटरिंग) एम एस चालिया और संदीप सिलस पर राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस सहित प्रीमियम ट्रेनों में जरूरी ‘रेल नीर’ के इतर सस्ते पैक पेयजल की आपूर्ति को लेकर इन निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। सिलस एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं।

सीबीआई ने बीते दिनों इन दो अधिकारियों व सात कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 13 स्थानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई को इन अधिकारियों में एक के घर में 20 करोड़ रुपये बरामद हुए थे जिसके बाद जांच एजेंसी ने इन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

इसके अलावा सीबीआई ने निजी कंपनियों आर के एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड, सत्यम कैटर्स प्राइवेट लिमिटेड, अंबुज होटल एंड रियल एस्टेट, पीके एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड, सनशाइन प्राइवेट लिमिटेड, वृंदावन फूड प्रॉडक्ट और फूड वर्ल्ड के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

सूत्रों ने यह खुलासा किया कि आर.के. एसोसिएट्स और वृंदावन फूड प्रॉडक्ट के मालिक श्याम बिहारी अग्रवाल, उनके बेटे अभिषेक अग्रवाल और राहुल अग्रवाल के आवास से 20 करोड़ रूपए नगद बरामद किए गए हैं। आरोप है कि आरोपियों ने राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस सहित प्रीमियम ट्रेनों में जरूरी ‘रेल नीर’ के इतर सस्ते पैक पेयजल की आपूर्ति को लेकर इन निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया।