लापरवाही की हद: मुंबई में जिंदा आदमी का पोस्टमार्टम करने जा रहे थे डॉक्टर, जागने से बची जान

नई दिल्ली| मुंबई में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के सायन अस्पताल में डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम से ठीक पहले वह व्यक्ति जिंदा हो गया जिससे पूरे अस्पताल में हंगामा मच गया।

सायन पुलिस को एक अंजान व्यक्ति ने फोन करने सूचना दी कि एक व्यक्ति बस स्टेंड के पास अचेत अवस्था में पड़ा है। जिसके बाद पुलिस ने इस अनजान व्यक्ति को सायन अस्पताल के केज्यूलटी वार्ड मैं ले जाने का प्रबंध किया।

सूत्रों के अनुसार अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर रोहन रोहेकर उस वक़्त अस्पताल में मौजूद थे और जांच के बाद उन्होंने इस व्यक्ति को मृत घोषित करते हुए उसे तुरंत मॉर्चरी ले जाने को कहा।

पुलिस ने बताया कि डॉक्टर ने कैजुअलिटी वार्ड की डायरी में उस व्यक्ति की एंट्री की और उसे मॉर्चरी लेकर पहुंच गए। उसके बाद उसे पोस्टमार्टम रूम में ले गए। इसी बीच अस्पताल कर्मचारी ने देखा कि मृत घोषित किया गया व्यक्ति सांस ले रहा है। कुछ देर बाद वह व्यक्ति उठ खड़ा हुआ। 

मेडिकल नोर्म्स के अनुसार किसी भी डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के सिये भेजे जाने से पहले केज्यूलटी वार्ड में 2 घंटे रखना जरुरी होता है लेकिन इस व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं किया गया|