लालू ने किया पटलवार, अमित शाह को बताया नरभक्षी व तड़ीपार  

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के चलते राज्य में जारी आरोप-प्रत्यारोप दौर में अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने मोर्चा संभाला है। उन्होने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान पर पलटवार किया है जो उन्होने बीते बुधवार को बेगूसराय में भाजपा कार्यकार्याओं को संबोधित करते हुए दिया था। लालू ने भाजपा अध्यक्ष पर पलटवार करने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट ‘ट्विटर’ का सहारा लिया है। उन्होने ट्वीट करते हुए अमित शाह को नरभक्षी और तड़ीपार की संज्ञा से संबोधित किया है। उनका कहना है कि जो खुद नरभक्षी एवं तड़ीपार है वह बिहार को सदाचार ना सिखाए। पहले वह खुद के आरोपों की उस तस्वीर को जनता को दिखाये जिसमें उनपर कई जघन्य अपराध लगे हैं।

 गुरुवार को लालू ने अमित शाह पर पटलवार करते हुए कहा कि एक नरभक्षी एवं तड़ीपार बिहार को सदाचार ना सिखाए। पहले स्वंय के कुकर्म एवं खुद पर लगी सारी जघन्य धाराओं के बारें में चिल्ला कर लोगों को बताए। उन्होने पूछते हुए ट्वीट किया कि अमित शाह बताए कि जातिगत जनगणना की रिपोर्ट कब जारी करेंगे और SC/ST/पिछड़ों के संख्यानुसार आरक्षण के हमारी माँग का समर्थन करते हैं या नहीँ? लालू प्रसाद यादव ने कहा कि भाजपा की इतनी औकात नहीँ कि हमारे आरक्षण पर पुनर्विचार करे। अमित शाह और उनकी कंपनी यह जान ले कि हम अपनी संख्या के बराबर आरक्षण लेकर रहेंगे।

“एक नरभक्षी एवं तड़ीपार बिहार को सदाचार ना सिखाए।पहले स्वंय के कुकर्म एवं खुद पर लगी सारी जघन्य धाराओं के बारें में चिल्ला कर लोगों को बताए।“ Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 30, 2015

“अमित शाह बताए कि जातिगत जनगणना की रिपोर्ट कब जारी करेंगे और SC/ST/पिछड़ों के संख्यानुसार आरक्षण के हमारी माँग का समर्थन करते हैं या नहीँ?” Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 30, 2015

“बीजेपी की इतनी औकात नहीँ कि हमारे आरक्षण पर पुनर्विचार करे। अमित शाह & कम्पनी यह जान ले कि हम अपनी संख्या के बराबर आरक्षण लेकर रहेंगे।“ Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 30, 2015

मालूम हो कि बीते बुधवार को अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला था। उन्होने कहा कि आज का बिहार ‘चारा चोर’ लालू यादव के नाम से जाना जाता है। उन्होने जनता के सामने प्रश्न रखते हुए पूछा कि बिहार की जनता को अपराध, भ्रष्टाचार चाहिए या विकास? उन्होने लालू व नीतीश के शासनकाल को जंगलराज करार देते हुए जनता से सवाल किया था कि क्या अपराध और जंगलराज के बीच विकास हो सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि कृपया सभी गांवों में जाएं और लोगों को भरोसा दिलाएं कि हम आरक्षण के पक्ष में हैं। हम आरक्षण का सपोर्ट करते हैं। लालू यादव और नीतीश कुमार झूठी अफवाहें फैला रहे हैं।

 

 

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