वृन्दावन में मौत का इंतजार कर रहीं सैकड़ों विधावाएं बनेंगी कृष्ण वधु

वृन्दावन में मौत का इंतजार कर रहीं सैकड़ों विधावाएं बनेंगी कृष्ण वधु

लखनऊ। कुछ समाजसेवी संस्थाओं ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वृन्दावन में समाज से अलग गुमनामी की जिन्दगी बिता रही सैकड़ों विधवा महिलाओं की नीरस जिन्दगी को बदलने की मुहिम छेड़ी है। इसके तहत एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने पति की मौत के बाद मृत्यु के इंतजार में बैठी इन विधवाओं को एक अनुष्ठान के बाद कृष्ण वधु बनाया जाएगा। इस कार्य को करने वाले संगठनों ने उम्मीद जताई है कि 18 नवंबर से शुरू होने एक सप्ताह के आयोजन का उद्घाटन यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करेगे साथ ही इस अवसर पर वह इन विधवाओं के जीवन स्तर को सुधारने के लिए एक सहायता कोष की घोषणा भी कर सकते है।

एक अंग्रेजी समाचार पत्र के मुताबिक इस काम को करने के लिए वृन्दावन की अर्थ वाॅयस और दिल्ली की श्री धार्मिक लीला नाम की संस्थाएं आगे आईं हैं। ये संस्थाएं चैतन्य महाप्रभु के 500वें जन्मदिवस के अवसर पर एक वृन्दावन प्रकाश उत्सव नाम से एक आयोजन करेगी। जिसमें सैकड़ों विधवाओं को अनुष्ठान के जरिए कृष्णा वधु बनाया जाएगा। जिसके बाद उन्हें भगवान कृष्ण की सुहागन के रूप में नई सामाजिक पहचान मिलेगी और वह आम महिलाओं की तरह ही हिन्दू पर्व और त्यौहारों में शामिल हो सकेंगी।

{ यह भी पढ़ें:- वृन्दावन में लड़कियों के गिरोह ने घेरा पुलिस थाना, ये है आरोप }

इन समाजसेवी संस्थाओं का कहना है कि वह हिन्दू विचारधारा के अनुरूप ही काम कर रहे हैं, इन विधवाओं ने भौतिक रूप में अपने पतियों को खो दिया है, जबकि भावनात्मक और आत्मीय तौर पर ये आज भी उनसे जुड़ी हैं। वहीं गीता के मुताबिक मृत्यु के बाद आत्मा भगवान कृष्ण में विलीन हो जाती है। इस प्रकार इन विधवाओं को भगवान कृष्ण की वधु बनाकर उनके और कृष्ण के बीच के बंधन को ज्यादा मजबूत बनाया जा सकेगा, साथ ही साथ उनके शेष जीवन को ज्यादा आनंदमय बनाया जा सकेगा।