सतर्कता सचिव, सतर्कता निदेशक हटाने के लिए दायर याचिका पर हाईकोर्ट का आदेश सुरक्षित    

लखनऊ। आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा सतर्कता सचिव एसके रघुवंशी और सतर्कता निदेशक भानु प्रताप सिंह को इन पदों पर अवैध रूप से तैनात होने के कारण हटाये जाने के लिए दायर याचिका पर इलाहबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। ठाकुर ने अपना पक्ष स्वयं रखा था जबकि राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप माथुर को खड़ा किया था जिन्होंने एक व्यक्ति की शिकायत पर वरिष्ठ अफसरों को हटाये जाने का विरोध किया था।

जस्टिस शबीहुल हसनैन और जस्टिस डी के उपाध्याय की बेंच ने दोनों पक्षों की बात सुन कर फैसला सुरक्षित कर लिया।

अपनी याचिका में ठाकुर ने आईएएस तथा आईपीएस कैडर रूल्स 1954 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख कर कहा है कि आईएएस तथा आईपीएस फिक्सेशन ऑफ़ कैडर स्ट्रेंग्थ रेगुलेशन में प्रस्तावित विभिन्न कैडर पदों पर मात्र कैडर अधिकारी ही नियुक्त हो सकते हैं। उनके अनुसार यूपी में सतर्कता निदेशक का पद आईपीएस के डीजी स्तर का कैडर पद है जबकि सतर्कता सचिव का पद आईएएस का कैडर पद है।