सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज

%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%be %e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be %e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ae %e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9 %e0%a4%af%e0%a4%be

लखनऊ। अदालत के आदेश के बावजूद उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज न किए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर की मेहनत रंग लाई है। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुलायम सिंह यादव के लिए सीआरपीसी की धारा 156/3 के तहत आईपीसी की धारा 506 के तहत केस दर्ज किया गया है।

मालूम हो कि अमिताभ ठाकुर ने 10 जुलाई, 2015 को मुलायम सिंह द्वारा उन्हें फोन पर धमकी दिए जाने की शिकायत की थी। इस पर मुख्य दंडाधिकारी (सीजीएम) सोम प्रभा मिश्रा ने 14 सितंबर को समुचित धाराओं में मुलायम के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश भी दिए थे। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ‘वफादार’ पुलिस ने उनके आदेश को नजरअंदाज कर दिया है।

इससे खफा होकर अमिताभ ने गुरुवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरने पर बैठे अमिताभ ठाकुर ने बताया था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस.एन.शुक्ला की पीठ को आश्वस्त किया था कि 30 सितंबर 2015 तक अवश्य एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद 1 अक्टूबर की सुबह भी जब एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तब अमिताभ ने धरने का सहारा लिया।

लखनऊ। अदालत के आदेश के बावजूद उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज न किए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर की मेहनत रंग लाई है। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुलायम सिंह यादव के लिए सीआरपीसी की धारा 156/3 के तहत आईपीसी की धारा 506 के तहत केस दर्ज किया गया है।मालूम हो कि अमिताभ ठाकुर ने 10 जुलाई, 2015 को मुलायम सिंह द्वारा…