सपा सरकार के दबाव में हुए हैं जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों के पर्चे खारिज: भाजपा

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ सपा सरकार को आड़े हाथों लिया है, इस बार भाजपा ने यूपी में हो रहे पंचायती चुनाव  में जिला पंचायत सदस्यों के पर्चे खारिज होने के मामले को उठाया है। भाजपा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ सपा सरकार और उनके गुर्गो के दबाव में कई जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों के पर्चे खारिज किए गए हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह और प्रदेश मंत्री वीरेंद्र तिवारी ने शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त (पंचायत एवं स्थानीय निकाय) से मिलकर इसकी शिकायत की है। इन दोनों नेताओं ने ऐसा करने वाले अधिकारियों व कराने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

दोनों नेताओं ने निर्वाचन आयुक्त को बरेली के आंवला निवासी वेद प्रकाश का मामला उठाया। चुनाव आयोग को बताया कि वेद प्रकाश 2010 में क्षेत्र पंचायत आलमपुर-जफराबाद तहसील के क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे।

उन्होंने वार्ड संख्या 41 से अपनी उम्मीदवारी के लिए 9 अक्टूबर को नामांकन किया। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की प्रमाणिकता भी सिद्ध की। 12 अक्टूबर को मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति दूसरी बार प्राप्त किया। 14 अक्टूबर को नामांकन पत्र की जांच के समय तक मतदाता सूची में इनका नाम दर्ज था, लेकिन शाम होते होते मतदाता सूची से नाम गायब हो गया। 

भाजपा का आरोप है कि वेद प्रकाश का नामांकन इसलिए निरस्त हुआ कि सपा जिलाध्यक्ष का भतीजा उसी वार्ड से जिला पंचायत सदस्य का उम्मीदवार है।