सैनिकों पर दिए गए शर्मनाक बयान के बाद ओमपुरी ने मांगी माफ़ी

नई दिल्ली| बीते 2 अक्टूबर को बारामूला के आतंकी हमले में शहीद हुए बीएसएफ जवान नितिन यादव और बाकी सैनिकों की शहादत पर टीवी एक्टर ओमपुरी के शर्मनाक बयान से पूरा देश गुस्से में है|




उरी हमले के बाद इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन्स’ द्वारा (आईएमपीपीए) पाकिस्तानी कलाकारों का भारतीय फिल्मो में काम करने पर अचानक अनिश्चित तौर पर प्रतिबंध लगाए जाने पर एक टीवी सीरियल शो की बहस में ओमपुरी ने कहा कि क्या जरुर थी इनलोगों को सेना में आने की? किसने कहा था बंदूक थामने को? ओमपुरी इतने पर भी नहीं रुके| उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को 15-20 बॉम्बर तैयार करना चाहिए और पकिस्तान भेज देना चाहिये। भड़के हुए ओमपुरी ने कहा कि क्या आप चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी इज़राइल और फीलिस्तान की तरह हो जाए?

ओमपुरी ने आगे कहा कि भारत में करोड़ों मुस्लिमों का घर है इसलिए उन्हें लड़ाई के लिए उकसाने का कोई मकसद नहीं है| भारत में कई पाकिस्तानियों के रिश्तेदार और पाकिस्तान में कई भारतीयों के रिश्तेदार रहते हैं ऐसे में हम युद्ध कैसे कर सकते हैं जब दोनों देशों के परिवार बॉर्डर के दोनों पार हों? जैसे ही यह शो टीवी पर प्रसारित हुआ लोगों का गुस्सा भड़क उठा| उन्होंने ओमपुरी की जमकर आलोचना की| इसको लेकर उनके खिलाफ थाने में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है|

हालांकि बाद में ओमपुरी ने अपनी गलती मानते हुए एक टीवी शो में कहा कि मैं अपनी टिप्पणी को लेकर बहुत शर्मिन्दा हूं और ऐसी गलती के लिए मुझे माफ़ी नहीं मिलनी चाहिये| ओमपुरी ने कहा ‘‘मैं अपनी गलती मानता हूं और सजा का हकदार हूं| मैं चाहता हूं कि सेना मुझ पर मुकदमा चलाए और मेरा कोर्ट मार्शल किया जाए| मैं रचनात्मक सजा चाहता हूं| सेना मुझे हथियार चलाना सिखाए, मुझे उसी स्थान पर भेजा जाए जहां बहादुर जवान ने देश की खातिर अपने प्राण दिए|” ओमपुरी ने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मुझे माफ किया जाए| मैं देश से अनुरोध करता हूं कि मुझे सजा दी जाए|’’

रिपोर्ट: आस्था सिंह