सोनौली बार्डर पर धरना प्रदर्शन के दौरान मधेशियो पर पथराव, स्थिति सामान्य  

महराजगंज। पड़ोसी देश नेपाल में घोषित विवादित संविधान के खिलाफ मुहिम छेड़ चुके ‘संयुक्त मधेशी मोर्चा’ ने सोनौली बार्डर पर एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। मधेशियों वे थारु संगठन के साथ मिलकर संविधान में संशोधन करने की मांग की है। मधेशियों का आरोप है कि पारित हुए इस नए संविधान में भेदभाव की भावना से बनाया गया है।

सोमवार को मधेशीयों वे थारु के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने करीब 11 बजे भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली नो मेन लैंड पर पहुँचकर शांतिपूर्ण रूप से धरना प्रदर्शन कर रहे थे कि नेपाल के बेलहिया से दर्जनों की संख्या में पहाड़ी उपद्रवी युवकों का झुण्ड बार्डर पर आ पंहुचा और मधेशियों पर ईट पत्थर से मारना शुरू कर दिया। ये लोग मधेशी मुर्दाबाद के नारे भी लगा रहे थे। मधेशियों ने भी संविधान संसोधन को लेकर नारे लगाये।

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बॉर्डर पर तैनात सोनौली पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए नो मेन लैण्ड पर लगी भीड़ को तितर-बितर किया लेकिन नेपाल में पहाड़ी उपद्रवी युवकों ने नारेबाजी जारी रखी। जो सोनौली कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार और चौकी प्रभारी भारत यादव ने नेपाल पुलिस अधिकारियो से बात-चीत करके उपद्रवी युवको की भीड़ को हटाया। बताया जा रहा है कि अब स्थिति काबू में है। आवागमन भी शुरू हो गया है।

इस दौरान भारत की सभी खुफिया तन्त्र, एसएसबी, पुलिस बल व पीएसी अलर्ट रही। सोनौली पुलिस ने पहाड़ी उपद्रवी युवको को चिन्हित कर लिया है। धरना में मुख्य रूप से महेंद्र यादव, सन्तोष पान्डेय, उमाशंकर यादव, प्रदीप पान्डेय, विद्या यादव, योगेन्द्र चौधरी, कृष्णचन्द मिश्रा, राजेंद्र गुप्ता सहित सैकड़ो मधेशी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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सोनौली बार्डर से विजय चौरसिया की रिपोर्ट 

 

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