सोशल मीडिया पर गरीब छात्र की तस्वीर हुई वायरल, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

सोशल मीडिया पर दिखावा करने वालों पर है आयकर विभाग की नजर

लखनऊ| हाल ही में एक सोशल मीडिया यूजर ने मेट्रो स्टेशन के बाहर बैठे एक कर्मठ स्कूल बॉय हरेंद्र की फोटो खींच कर सोशल मीडिया में डाली। जो अब वायरल हो चुकी है। उन्होंने फोटो के साथ लिखा था कि मैंने इस लड़के को नोएडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर बैठे देखा वह अपनी नजरें किताब पर गड़ाए हुए था। उसके बगल में एक वजन मापने वाली मशीन भी रखी थी जिससे वह लोगों का वजन मापकर अपने जीवकोपार्जन के लिए पैसे कमाता है। उसके गरीब होने के बावजजूद पढ़ने की लगन देखकर मैं तो द्रवित हो चला, इस तरह के नजारे बहुत कम देखने को मिलते हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि मैं उन लोगों से अनुरोध करता हूं जो नोएडा के इस स्टेशन से 7 बजे के बाद आते-जाते हैं कि उसकी सेवाओं को इस्तेमाल करें ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके। कृपया इसका भी खयाल रखें कि उसे ये महसूस ना हो कि लोग उसे भिखारी समझकर पैसे दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद जब यह बात उत्तप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास पहुंची तो उन्होंने इस बालक को अपने निवासस्थान पर आने का न्योता दिया। अखिलेश यादव ने एक विशेष ईवेंट में आठ विशेष मेहमानों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने दो लोगों को 5 लाख का चेक व अन्य छह लोगों को 1 लाख का चेक दिया।

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इन मुख्य अतिथियों में 13 साल के हरेंद्र को भी शामिल किया गया। मुख्यमंत्री ने हरेंद्र को उसकी पढ़ाई मदद करने के लिए पांच लाख रुपए का चेक दिया। हरेंद्र कक्षा 9वीं का छात्र है| मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हरेंद्र के पढ़ाई के जुनून को लेकर उसकी प्रशंसा की। हरेंद्र का परिवार इटावा के नागला चौहान गांव से है, लेकिन उसका परिवार होशियारपुर में रहता है। हरेंद्र के पिता अपनी जीविका प्राइवेट जॉब में काम करके चलाते हैं, लेकिन वे अपंग हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाज को अपने प्रेरणा स्रोत अपने बीच में ही ढूंढ़ने होंगे। ये प्रेरणा स्रोत अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने वाले लोग होने चाहिए। इन्हें पहचान कर सम्मान दिलवाने का काम सरकार को करना होगा। समाजवादी सरकार अपने इस दायित्व को निभाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्याें से उदाहरण बनने वाले लोगों को सम्मानित करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मानित किए गए लोगों के काम से अन्य लोग प्रेरणा लेंगे। उन्होंने कहा कि डाॅ0 राम मनोहर लोहिया कहते थे कि समाज अच्छा तब तक नहीं बन सकता, जब तक की बुरे को बुरा न कहा जाए। यादव ने आगे कहा कि उनका मानना है कि बुराइयों के साथ अच्छाइयों को पहचानने की भी कोशिश होनी चाहिए।

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यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार सभी प्रतिभाओं को पहचान बनाने का अवसर देने के लिए कृतसंकल्प है। गरीब और आगे बढ़ने की इच्छा के साथ संघर्ष करने वाले छात्रों और नौजवानों की मदद के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जनपद बलिया के ग्राम दलछपरा के बहादुर युवकों राजकुमार साहनी, संजय साहनी, शिवकुमार साहनी, पिंटू साहनी को 01 लाख रुपये का चेक देकर, जनपद मिर्जापुर के गांव दलापट्टी के 60 वर्षीय रामजीत यादव को 05 लाख रुपये का चेक देकर, जनपद लखनऊ के गोमती नगर के कृष्ण कुमार को 01 लाख रुपये का चेक देकर, जनपद गौतमबुद्धनगर, नोएडा के 13 वर्षीय हरेन्द्र सिंह को 05 लाख रुपये का चेक देकर तथा जनपद लखनऊ की 15 वर्षीय सुषमा वर्मा को 05 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।

ज्ञातव्य है कि जनपद बलिया के ग्राम दलछपरा के युवकों ने गांव में घुस आये एक छः फुट लम्बे व 75 किलोग्राम वजनी मगरमच्छ, जिसे वन अधिकारी पकड़ने में सफल नहीं हो पा रहे थे, को पकड़कर घाघरा नदी में छोड़ने में वन अधिकारियों की सहायता करके गांव वालों को मगरमच्छ के भय से छुटकारा दिलाया। इसी प्रकार जनपद मिर्जापुर के ग्राम दलापट्टी निवासी रामजीत यादव ने बच्चों से भरी एक डूबती नाव से अपनी जान की परवाह न करते हुए कई बच्चों को बचाया।

मुख्यमंत्री ने गोमती नगर निवासी कृष्ण कुमार को 01 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। पुलिस के एक उपनिरीक्षक द्वारा कृष्ण कुमार के साथ दुव्र्यवहार करते हुए उनका टाइपराइटर कुछ दिनों पूर्व तोड़ दिया गया था। इसके अलावा यादव द्वारा 13 वर्षीय हरेन्द्र सिंह को 05 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कु0 सुषमा वर्मा को 05 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। 15 वर्षीय इस बालिका ने मात्र सात वर्ष की अवस्था में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। कु0 सुषमा इस समय विश्वविद्यालय में पीएचडी की शोध छात्रा है।

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