हिस्ट्रीशीटर के बाद अब गैंगस्टर भी बन गया शैलेंद्र अग्रवाल

आगरा| पुलिसवालों के साथ ही अन्य लोगों के साथ करोड़ों की ठगी करने वाला जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल पर कानून का शिकंजा कस गया है| 37 मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी। इसमें शैलेंद्र अग्रवाल के साथ-साथ उसका मैनेजर रोहन भी शामिल है। दोनों वर्तमान में जेल में हैं।

दरोगा को डीजीपी बनकर धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किए विभव नगर निवासी सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के 37 मुकदमे दर्ज कराए गए। इनमें से अधिकतर में एक जैसे ही आरोप हैं। कुछ मामलों में पिछले दिनों अदालत से जमानत भी मिल गई।

जिलाधिकारी की मोहर लगने के बाद सोमवार को देर रात ताजगंज थाने में इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह की ओर से शैलेंद्र अग्रवाल और उसके मैनेजर के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उसकी ठगी के शिकार व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में शैलेंद्र के घरवालों को शामिल नहीं किया है, जबकि उसके पिता, दोनों भाई, पत्नी और ससुर भी मुकदमों में नामजद हैं। विभव नगर, ताजगंज के शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ दरोगा विजय सिंह चक की पत्नी ने दस लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पांच मई को डीआईजी लक्ष्मी सिंह की टीम ने शैलेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेजा। इसके बाद शैलेंद्र के काले कारनामों का खुलासा हुआ। शैलेंद्र पर अब तक 36 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज कराए जा चुके हैं।

शैलेंद्र को जेल में सुविधाएं मिलने की शिकायत पर एटा जेल शिफ्ट किया गया है। दो माह पहले थाना ताजगंज पुलिस ने शैलेंद्र की हिस्ट्रीशीट खोली थी। अब पुलिस ने शैलेंद्र और जेल में बंद उसके मैनेजर रोहन पर भी गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है।

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