हैकर्स ने उड़ाए यूज़र्स के 4 करोड़ रुपये, जानिए कैसे हो सकता है इस ऐप का गलत इस्तेमाल

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हैकर्स ने उड़ाए यूज़र्स के 4 करोड़ रुपये जानिए कैसे हो सकता है, इस ऐप का गलत इस्तेमाल

नई दिल्ली। मोबाइल ऐप के ज़रिए पैसे चोरी होने की खबरें आए दिन आती रहती हैं। अब ऐसी ही खबर जापान से भी आई है, जहां ऐप के ज़रिये हैकर्स ने यूज़र्स के पांच लाख डॉलर (करीब 3.42 करोड़ रुपये) उड़ा लिए। 7Pay नाम की ऐप में हाल में एक नया पेमेंट फीचर पेश किया गया था, जिसके बाद हैकर्स ने यूज़र्स के अकाउंट खाली कर दिए। ऐसी घटना के बाद जापान ने 7Pay ऐप के पेमेंट फीचर को सस्पेंड कर दिया है। इसकी मदद से थर्ड पार्टी ने सैकड़ों कस्टमर्स के अकाउंट्स से फर्जी लेनदेन दिखाकर लाखों डॉलर का चूना लगाया है। बता दें कि 1 जुलाई को 7Pay ऐप का ये नया पेमेंट फीचर रोल आउट हुआ था, मगर 3 जुलाई को इसे बंद करना पड़ा। यानी कि सिर्फ तीन दिनों में हैकर्स ने इतनी बड़ी हैकिंग को अंजाम दे दिया।

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याहू जापान की खबर के मुताबिक कंपनी की ओर से ऐप में दिए गए इस फीचर में कस्टमर्स को सिर्फ बारकोड स्कैन करना होता था, जिसके बाद वह ऐप से लिंक क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट कर सकते थे। हालांकि, फीचर लॉन्च होने के अगले ही दिन कंपनी को एक शिकायत मिली, जिसमें कस्टमर ने कहा कि बिना उसकी ओर से कोई कोड स्कैन किए ही पैसे कट गए। हैकर को किसी भी यूजर की जन्मतिथि, ईमेल आईडी और फोन नंबर पता होने पर वह किसी और ईमेल अड्रेस पर पासवर्ड बदलने की रिक्वेस्ट भेज सकता था।

नई दिल्ली। मोबाइल ऐप के ज़रिए पैसे चोरी होने की खबरें आए दिन आती रहती हैं। अब ऐसी ही खबर जापान से भी आई है, जहां ऐप के ज़रिये हैकर्स ने यूज़र्स के पांच लाख डॉलर (करीब 3.42 करोड़ रुपये) उड़ा लिए। 7Pay नाम की ऐप में हाल में एक नया पेमेंट फीचर पेश किया गया था, जिसके बाद हैकर्स ने यूज़र्स के अकाउंट खाली कर दिए। ऐसी घटना के बाद जापान ने 7Pay ऐप के पेमेंट फीचर को सस्पेंड कर दिया है। इसकी मदद से थर्ड पार्टी ने सैकड़ों कस्टमर्स के अकाउंट्स से फर्जी लेनदेन दिखाकर लाखों डॉलर का चूना लगाया है। बता दें कि 1 जुलाई को 7Pay ऐप का ये नया पेमेंट फीचर रोल आउट हुआ था, मगर 3 जुलाई को इसे बंद करना पड़ा। यानी कि सिर्फ तीन दिनों में हैकर्स ने इतनी बड़ी हैकिंग को अंजाम दे दिया। याहू जापान की खबर के मुताबिक कंपनी की ओर से ऐप में दिए गए इस फीचर में कस्टमर्स को सिर्फ बारकोड स्कैन करना होता था, जिसके बाद वह ऐप से लिंक क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट कर सकते थे। हालांकि, फीचर लॉन्च होने के अगले ही दिन कंपनी को एक शिकायत मिली, जिसमें कस्टमर ने कहा कि बिना उसकी ओर से कोई कोड स्कैन किए ही पैसे कट गए। हैकर को किसी भी यूजर की जन्मतिथि, ईमेल आईडी और फोन नंबर पता होने पर वह किसी और ईमेल अड्रेस पर पासवर्ड बदलने की रिक्वेस्ट भेज सकता था।