अविश्वास प्रस्ताव पर गतिरोध बरकरार, हंगामे के बाद लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित

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अविश्वास प्रस्ताव पर गतिरोध बरकरार, हंगामे के बाद लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित

नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि दोनों पक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर बहस चाहते हैं, इसके बावजूद हंगामे की वजह से मंगलवार को भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। सदन की कार्यवाही 11 बजे सुबह शुरू होते ही हंगामे की वजह से इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

0budget Session Loksabha Rajyasabha No Confidence Motion :

सदन के दोबारा शुरू होते ही स्थिति में कोई बदलाव नजर नहीं आया और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(अन्नाद्रमुक) के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप इकट्ठे हो गए। पिछले हफ्ते प्रदर्शन कर रही तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) ने ऐसा नहीं किया और अविश्वास प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया।

तेलगू देशम पार्टी(तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस को छोड़कर, कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। सदन में हंगामे के बावजूद, खड़गे ने कहा कि विपक्ष बहस करना चाहता है। उन्होंने हंगामे के बीच कहा, “50 से ज्यादा सांसद अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं.. हम बहस चाहते हैं।”

अनंत कुमार ने भी दोहराया कि सरकार बहस के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर अन्य पार्टियों के अविश्वास प्रस्ताव का अनुसरण करने का आरोप लगाया। कुमार ने कहा, “मैं सभी से अपील करता हूं.. सरकार बहस के लिए तैयार है। हमारे पास सदन के अंदर और बाहर समर्थन है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस अब हाशिये की पार्टी बन गई है..यह गठबंधन के अन्य साथियों का अनुसरण कर रही है, यहां तक कि अविश्वास प्रस्ताव में भी। खड़गेजी को आत्मावलोकन करना चाहिए।”

सदन में लगातार व्यवधान के बाद, अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकतीं और विपक्षी पार्टियों के जबरदस्त हंगामे के बीच उन्होंने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। बजट सत्र का दूसरा चरण काफी हंगामेदार रहा है। पांच मार्च से शुरू हुए इस चरण में बजट भी हंगामे के बीच बिना बहस के ही पारित किया गया। यह लगातार सातवां दिन है, जब हंगामे की वजह से अविश्वास प्रस्ताव पर बहस नहीं कराया जा सका।

नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि दोनों पक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर बहस चाहते हैं, इसके बावजूद हंगामे की वजह से मंगलवार को भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। सदन की कार्यवाही 11 बजे सुबह शुरू होते ही हंगामे की वजह से इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।सदन के दोबारा शुरू होते ही स्थिति में कोई बदलाव नजर नहीं आया और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(अन्नाद्रमुक) के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप इकट्ठे हो गए। पिछले हफ्ते प्रदर्शन कर रही तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) ने ऐसा नहीं किया और अविश्वास प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया।तेलगू देशम पार्टी(तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस को छोड़कर, कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। सदन में हंगामे के बावजूद, खड़गे ने कहा कि विपक्ष बहस करना चाहता है। उन्होंने हंगामे के बीच कहा, "50 से ज्यादा सांसद अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं.. हम बहस चाहते हैं।"अनंत कुमार ने भी दोहराया कि सरकार बहस के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर अन्य पार्टियों के अविश्वास प्रस्ताव का अनुसरण करने का आरोप लगाया। कुमार ने कहा, "मैं सभी से अपील करता हूं.. सरकार बहस के लिए तैयार है। हमारे पास सदन के अंदर और बाहर समर्थन है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस अब हाशिये की पार्टी बन गई है..यह गठबंधन के अन्य साथियों का अनुसरण कर रही है, यहां तक कि अविश्वास प्रस्ताव में भी। खड़गेजी को आत्मावलोकन करना चाहिए।"सदन में लगातार व्यवधान के बाद, अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकतीं और विपक्षी पार्टियों के जबरदस्त हंगामे के बीच उन्होंने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। बजट सत्र का दूसरा चरण काफी हंगामेदार रहा है। पांच मार्च से शुरू हुए इस चरण में बजट भी हंगामे के बीच बिना बहस के ही पारित किया गया। यह लगातार सातवां दिन है, जब हंगामे की वजह से अविश्वास प्रस्ताव पर बहस नहीं कराया जा सका।