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दो दिन में कोरोना के 1 लाख मामले, अनलॉक 3.0 में भी नहीं खुलेंगे स्कूल, कॉलेज और मेट्रो!

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: देशव्यापी लॉकडाउन को खत्म हुए लगभग दो महीने हो गए हैं और स्थिति यह है कि कोरोना संक्रमण की वजह से कई राज्यों को दोबारा लॉकडाउन करना पड़ा। बिहार और मध्य प्रदेश में भी दोबारा लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अब स्कूल, कॉलेज, जिम और मेट्रो अभी खुल सकते हैं? अधिकारियों और जानकारों की मानें तो यह अभी काफी मुश्किल दिखाई दे रहा है। कोरोना के मामले अभी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांकि रिकवरी रेट बढ़कर 63.45 हो गई है और कोरोना से मृत्यु दर भी बाकी देशों की तुलना में काफी कम है।

इस संबंध में शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवाएं भी अभी शुरू नहीं होने वाली हैं। मार्च में ही कोरोना की वजह से सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए थे। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस संबंध में राज्यों से सलाह मशविरा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर राज्य अभी स्कूल-कॉलेज ओपन करने की बात पर सहमत नहीं हैं। इस संबंध में हुई मीटिंग में शीर्ष अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की। जून में HRD मिनिस्टर रमेश पोखरियाल ने भी कहा था कि स्कूल-कॉलेज खोलने के विषय में अभिभावकों से भी बात की जाएगी।

डरे हुए हैं अभिभावक
अभिभावक कोरोना को लेकर काफी डरे हुए हैं और ज्यादातर लोग अभी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं दिखाई देते हैं। ऐसे में अगले सप्ताह में स्कूल, कॉलेज खोलने के बारे में कोई भी फैसला लेना असंभव दिखाई दे रहा है। मंत्रालय ने केंद्र को यह जानकारी भी दी है कि बहुत सारे पैरंट्स अभी स्कूल, कॉलेज खोलने के पक्ष में नहीं हैं। बहुत सारे लोगों का कहना है कि स्कूल और कॉलेज तभी खुलने चाहिए जब वैक्सीन बन जाए।

वैक्सीन को लेकर बढ़ रही हैं उम्मीदें
भारत में देसी कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में दिसंबर तक इसके आने की उम्मीद भी जग रही है। 50 लोगों को इस वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है जिसमें काफी हद तक सफलता मिली। Covaxin के अलावा जायडस कैडिला की ZyCoV-D को भी फेज 1 और फेज 2 ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में अगर जल्द से जल्द देश में कोरोना की वैक्सीन आ जाती है तो पैरंट्स भी निश्चिंत होकर अपने बच्चों को स्कूल भेज सकेंगे और सरकार भी स्टूडेंट्स की सुरक्षा के बारे में निश्चिंत हो सकेगी। यह बात केवल स्कूल, कॉलेज ही नहीं बल्कि जिम, थेअटर और मेट्रो पर भी लागू होती है। लोगों को कोरोना वैक्सीन का ही इंतजार है ताकि वे पहले की तरह लाइफ खुलकर जी सकें।

मेट्रो खोलने को लेकर मुश्किलें
मेट्रो रेल सेवा का लोग इंतजार कर रहे हैं लेकिन इसे खोलने को लेकर रिस्क भी है। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में कोरोना के मामले बहुत ज्यादा हैं। इन दिनों दिल्ली में कोरोना केस में काफी गिरावट दर्ज हुई है लेकिन सरकार यह नहीं चाहेगी कि फिर से मामले बढ़ने लगें। कल दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली में संक्रमण दर काफी कम हुई है लेकिन अभी तैयार रहने की जरूरत है और लापरवाही केस फिर बढ़ा सकती है। गृह मंत्रालय ने राज्यों और सरकारी कार्यालयों को भी निर्देश दिए हैं कि इस बार स्वतंत्रता दिवस सीमित और सामाजिक दूरी के साथ मनाया जाए। ऐसे में यह कहना बहुत मुश्किल है कि अभी मेट्रो सेवाएं शुरू होने वाली हैं। अधिकारी भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं।

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