सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के मामले को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती

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सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के मामले को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती

नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले को सुप्रीम कोर्ट चुनौती दी गई। यूथ फॉर इक्वेलिटी नामक ग्रुप और डॉ कौशल कांत मिश्रा द्वारा दाखिल की गई है। जिसमें कहा ​गया कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा तय किए गए 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन करता है।

10 Percent Reservation For Upper Class Challenged In Supreme Court :

याचियों ने विधेयक को निरस्त करने का अनुरोध करते हुये कहा है कि एकमात्र आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इस विधेयक से संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन होता है। उनके मुताबिक 50 फीसदी आरक्षण की सीमा लांघी नहीं जा सकती।

बता दें कि सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुका है। मंगलवार को लोकसभा में हुई लंबी बहस के बाद 323 सांसदों ने समर्थन किया था। वहीं, तीन सांसदों ने बिल का विरोध किया था। राज्यसभा में बुधवार को बिल पेश किया गया जिसके बाद पास हुआ। राज्यसभा में बिल के समर्थन में 165 मत पड़े और विरोध में सात वोट पड़े।

नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले को सुप्रीम कोर्ट चुनौती दी गई। यूथ फॉर इक्वेलिटी नामक ग्रुप और डॉ कौशल कांत मिश्रा द्वारा दाखिल की गई है। जिसमें कहा ​गया कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा तय किए गए 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन करता है। याचियों ने विधेयक को निरस्त करने का अनुरोध करते हुये कहा है कि एकमात्र आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इस विधेयक से संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन होता है। उनके मुताबिक 50 फीसदी आरक्षण की सीमा लांघी नहीं जा सकती। बता दें कि सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुका है। मंगलवार को लोकसभा में हुई लंबी बहस के बाद 323 सांसदों ने समर्थन किया था। वहीं, तीन सांसदों ने बिल का विरोध किया था। राज्यसभा में बुधवार को बिल पेश किया गया जिसके बाद पास हुआ। राज्यसभा में बिल के समर्थन में 165 मत पड़े और विरोध में सात वोट पड़े।