10 रुपये के सिक्के बाजार में न चलने से लोग परेशान

बिजनौर/नगीना। दस रुपये के सिक्के को पैट्रोल पंप स्वामियों, बैंक कर्मियों तथा दुकानदारों के लेने से मना करने पर गरीब मजदूर शहर जनता ग्रामीणवासी बेहद परेशान हैं। आम जनता का कहना है कि सरकार ने दस रुपये के सिक्के चलाये क्यों जब इन्हें कोई लेने को तैयार नहीं है।




आज कल सभी नगर के बैंक पैट्रोल पंप स्वामी, बड़े दुकानदार सभी दस रुपये का सिक्का लेने को मना करने पर आम तथा गरीब मजदूरों में कोहराम मचा हुआ है। अगर कोई गरीब व्यक्ति दस रुपये के सिक्के लेकर सामान लेने या पैट्रोल लेने पर फिर दो सौ चार सौ रुपये इकऋा कर बैंक में जमा करने जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जात है।

नगर के दर्जनों समाजसेवियों तथा आम जनता ने मांग की है कि दस रुपये के सिक्के ना लेने वालों के विरुद्ध संबंधित विभाग क्यों कार्यवाही नहीं कर पा रहा है। यह सोच का विषय है जबकि आम जनता दस रुपये के सिक्के को चलाने को लेकर परेशान है। क्योंकि गरीब व्यक्ति जब खून पसीना एक बार शाम को दस बीस रुपये का सामान अपने बच्चों के पेट की आग बुझाने के लिये बाजार खरीदारी करने जायेगा और उसे दस रुपयों का सिक्का लेकर वापस कर दिया जायेगा तो उसके दिल पर क्या बीतेगी।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट




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