10 साल की रेप पीड़िता ने दिया बच्ची को जन्म, चाचा ने किया करता था दुष्कर्म

चंडीगढ़। यही का एक मामला पिछले दिनों खूब सुर्खियों में था जब वहां के बीजेपी अध्यक्ष के बेटे ने आधी रात को एक आईएएस अफसर की बेटी के साथ छेड़छाड़ किया था जिसके बाद पीड़िता ने बीजेपी नेता के मनचले बेटे को छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस थाने तक भी घसीटा जमकर छीछालेदर कारवाई थी। मामला हाई-प्रोफ़ाइल होने की सुर्खियों में भी था लेकिन कई इससे भी घिनौने मामले होते है जिस पर समाज की नज़र तक नहीं पड़ पाती, कई ऐसी घटनाएँ होती है जिन्हें तवज्जो नहीं मिल पाती। कुछ ऐसा ही इंसानियत के साथ रिश्तों को भी शर्मसार करने का मामला इसी चंडीगढ़ से आया है जहां एक चाचा ने अपनी भतीजी को ही अपने बच्चे का मां बनाया है।

दरअसल चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल में दस साल की रेप पीड़िता ने गुरुवार को एक लड़की को जन्म दिया है। बच्ची से उसके चाचा अक्सर दुष्कर्म किया करता था। मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल में नवजात को वजन कम होने कि वजह से डॅाक्टरों की निगरानी में रखा गया है हालांकि कि मां और नवजात बच्ची की हालत स्थिर है।

{ यह भी पढ़ें:- आसाराम-राम रहीम के बाद अब एक और बलात्कारी बाबा }

बता दें कि बच्ची सेक्टर 32 के गवर्मेट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बीते दो दिनों से भर्ती थी। बच्ची का प्रसव सिजेरियन सर्जरी से कराया गया था बाकि हर समय बच्ची के साथ चिकित्सकों का एक दल उसके स्वास्थ्य की निगरानी में लगा था। सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने दुष्कर्म से पीड़ित बच्ची को गर्भपात कराने की अनुमति देने की मांग की याचिका को खारिज कर दिया गया था। चूंकि गर्भपात समय बीत जाने से उसके जीवन को खतरा होने को देखते हुए कोर्ट ने यह कदम उठाया था।

प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर और डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद याचिका को नामंजूर कर दिया। इस बोर्ड को चंडीगढ़ पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) ने कोर्ट के आदेश पर गर्भवती बच्ची की जांच के लिए कहा था। जिसमें गर्भपात से लड़की के जीवन को खतरे की चेतावनी दी गई थी।

{ यह भी पढ़ें:- जेल में सब्जियां उगा रहा 'बलात्कारी बाबा', 20 रुपये मिलती है दिहाड़ी }