योगी सरकार भ्रष्ट अफसरों पर कसेगी शिकंजा, विजिलेंस ने भेजी सूची

योगी का UPCOCA तोड़ेगा यूपी के अपराधियों की कमर

लखनऊ। यूपी की नौकरशाही में व्याप्त भ्रष्टाचार पर हमला करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमर कस ली है। केंद्र सरकार की पदचिन्हों पर चलते हुए सीएम योगी ने भ्रष्टाचारी अफसरों को चिन्हित कर किनारे लगाने की मुहिम छेड़ दी है। हाल ही में विजिलेंस ने 100 ऐसे आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अफसरों की लिस्ट सीएम योगी को भेजी है, जिनके खिलाफ कभी विजिलेंस जांच के आदेश तो हुए लेकिन जांच शुरू होते ही शासन ने उसे दबा दिया। इस लिस्ट मे ऐसे अधिकारियों के नाम भी बताए जा रहे हैं जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते जांच की सिफारिश तो हुई लेकिन सत्तारूढ़ सरकारों की कमजोर ईच्छाशक्ति के चलते जांच शुरू नहीं हो सकी।

सूत्रों की माने तो विजिलेंस विभाग द्वारा भेजी गई लिस्ट में कई ऐसे अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं जो वर्तमान सरकार में अहम नियुक्तियों पर तैनात हैं। इस लिस्ट में 54 आईएएस, 22 आईपीएस अफसरों के नाम होने की बात भी सामने आई है। जिनमें अधिकांश के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति, ठेकेदारों से मिलीभगत से घोटाले, विकास के नाम पर करोड़ों के राजस्व के घालमेल और अवैध खनन कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

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सपा सरकार के करीबी रहे कई नौकरशाहों के नाम भी शामिल —

समाजवादी पार्टी जब जब यूपी की सत्ता में आई है उसने कुछ नौकरशाहों को अहम जिम्मेदारी देकर मनमानी करने की पूरी छूट दी। दबाव बढ़ने पर सरकार ने ऐसे अफसरों के खिलाफ जांचें शुरू करवाई और बाद में उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया। अखिलेश सरकार में भी ऐसे दो दागी नौकरशाहों के नाम इस लिस्ट में बताए जा रहे हैं। इन दोनों को विजिलेंस जांच में दोषी पाया गया था, लेकिन अखिलेश सरकार में अपनी पैठ से इन्होंने जांच को जहां का तहां दफन करवा दिया। वर्तमान समय में इनमें से एक को प्रतीक्षारत तो दूसरे को प्रतिनियुक्ती पर भेजा जा चुका है। ये दोनों ही अफसर अखिलेश सरकार में हुए एक घोटाले में सीबीआई जांच का सामना भी कर रहे हैं।

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