इंदिरा गांधी 100वीं जयंती : ऐसे ही नहीं कहा जाता था इंदिरा को ‘आयरन लेडी’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। प्रधानमंत्री ने ट्विट किया, ‘पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि दी।’
प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और कमला नेहरू की बेटी इंदिरा को देश ‘आयरन लेडी’ के रूप में याद करता है। वैसे इंदिरा के कई ऐसे किस्से मशहूर हैं जो इन्हें आम से खास बनाते हैं लेकिन आज हम कुछ ही बातों का जिक्र करेंगे।

इंदिरा की शादी
ऑक्सफर्ड में पढ़ाई के दौरान इंदिरा की फिरोज से मुलाकात होती थी जो लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में पढ़ रहे थे। इंदिरा फिरोज को इलाहाबाद से जानती थीं। 16 मार्च 1942 को इलाहाबाद में एक निजी समारोह में इनका विवाह फिरोज से हुआ। महात्मा गांधी ने फिरोज को अपना सरनेम गांधी दिया और शादी के बाद इंदिरा नेहरू इंदिरा गांधी हो गईं।
परिवार
इंदिरा गांधी के दो बेटे- राजीव और संजय थे। राजीव गांधी इंदिरा के बाद प्रधानमंत्री बने, जबकि संजय एक जोशीले नेता थे। संजय की हवाई दुर्घटना में मौत हो गई, जबकि राजीव चुनाव प्रचार के दौरान आत्मघाती हमले में मारे गए। इंदिरा की बड़ी बहू सोनिया सांसद तथा कांग्रेस अध्यक्ष हैं और छोटी बहू मेनका केंद्रीय मंत्री हैं। इंदिरा के बड़े पोते राहुल सांसद तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष और छोटे पोते वरुण लोकसभा सांसद हैं। इंदिरा की पोती प्रियंका गांधी वाड्रा हैं जिनकी शादी बिजनसमैन रॉबर्ट वॉड्रा से हुई है।

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राजनीतिक सफर- पहली महिला प्रधानमंत्री बनी
लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में वह 1964 से 1966 तक वह सूचना प्रसारण मंत्री रहीं। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आकस्मिक निधन के बाद इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 को देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। पीएम बनने के बाद उनके करियर में कई चुनौतियां आईं और उन्होंने कई उपलब्धियां भी हासिल कीं। साथ ही कुछ विवाद भी उनके दामन से जुड़े।

उपलब्धियां
बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969), पोखरण परमाणु कार्यक्रम (1974) और भारत-पाक युद्ध (1971) में जीत सहित कई उपलब्धियां इंदिरा के कार्यकाल में जुड़ीं। इंदिरा गांधी को 1971 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया।

बॉडीगार्ड्स ने की इंदिरा की हत्या

ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद 31 अक्टूबर 1984 को उनके बॉडीगार्ड्स बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने इंदिरा को उनके सरकारी आवास में ही गोली मार दी थी। उन्हें एम्स ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंदिरा की हत्या के बाद कांग्रेस ने सत्ता की बागडोर उनके बड़े बेटे राजीव गांधी को सौंप दी।

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