कोरोना: लखनऊ में जमातियों के 11 जत्थों ने फैलाया संक्रमण, आ रही साजिश की बू

Jamaat
कोरोना संकट: पश्चिमी यूपी के 38 हजार लोग STF के रडार पर, जमातियों से निकला सम्पर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के जिम्मेदार जमातियों के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि कैसरबाग की मरकज मस्जिद में आयोजित धार्मिक जलसे में शिरकत करने के लिए जमातियों की 11 टीमें राजधानी आईं थीं। जलसे के बाद सभी टीमें शहर की अलग-अलग मस्जिदों में ठहरीं और घूम घूमकर वायरस फैलाया।

11 Groups Of Jamaatians Spread Infection In Lucknow Fueled By Coming Conspiracy :

पुलिस और इंटेलीजेंस की तहकीकात यह तथ्य सामने आये हैं। अब खुफिया विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कहीं साजिशन संक्रमण तो नहीं फैलाया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कैसरबाग की मरकज मस्जिद में धार्मिक जलसे में बांग्लादेश, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के 24 नागरिकों के अलावा दिल्ली, सहारनपुर, गोंडा, बस्ती, हरिद्वार, जयपुर और हरियाणा से आए जमाती शामिल हुए थे। यह जमाती अलग-अलग 11 टीम में यहां आए थे। जलसे के बाद सभी अलग-अलग मस्जिदों में ठहरने गए।

कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के नागरिक मरकज मस्जिद में ही रुके जबकि बांग्लादेश के जमातियों को काकोरी की जामा मस्जिद और मड़ियांव की मकवा मस्जिद में ठहराया गया था। विदेशी जमातियों के पकड़े जाने और उनसे पूछताछ के बाद ही पुलिस ने सदर की अली जान मस्जिद में ठहरे सहारनपुर के 12 जमातियों को पकड़कर उनके सैंपल लेने के साथ ही सभी को क्वारंटीन कराया था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सहारनपुर के जमातियों के जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद गहराई से पूछताछ की गई तब धार्मिक जलसे में जमातियों की 11 टीमें आने का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने अपना ऑपरेशन शुरू किया और तालकटोरा के आलमनगर स्थित पीर बक्का मस्जिद, कैसरबाग की रहमानी मस्जिद, गोमतीनगर के उजरियांव की दादा मियां मस्जिद से अलग-अलग प्रदेश व शहरों के जमाती पकड़े गए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि धार्मिक जलसे में शामिल होने आई जमातियों की 11 टीमें राजधानी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की 1200 से अधिक मस्जिदों व मदरसों में गई थीं। पुलिस टीमों ने इन सभी मस्जिदों और मदरसों की छानबीन की है। यहां ठहरे लोगों की जांच के साथ ही सभी को क्वारंटीन कराया गया है। जमातियों के संपर्क में आने वाले लोगों में से कई का पता चल चुका है जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग अब भी बाहर घूम रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के जिम्मेदार जमातियों के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि कैसरबाग की मरकज मस्जिद में आयोजित धार्मिक जलसे में शिरकत करने के लिए जमातियों की 11 टीमें राजधानी आईं थीं। जलसे के बाद सभी टीमें शहर की अलग-अलग मस्जिदों में ठहरीं और घूम घूमकर वायरस फैलाया। पुलिस और इंटेलीजेंस की तहकीकात यह तथ्य सामने आये हैं। अब खुफिया विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कहीं साजिशन संक्रमण तो नहीं फैलाया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कैसरबाग की मरकज मस्जिद में धार्मिक जलसे में बांग्लादेश, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के 24 नागरिकों के अलावा दिल्ली, सहारनपुर, गोंडा, बस्ती, हरिद्वार, जयपुर और हरियाणा से आए जमाती शामिल हुए थे। यह जमाती अलग-अलग 11 टीम में यहां आए थे। जलसे के बाद सभी अलग-अलग मस्जिदों में ठहरने गए। कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के नागरिक मरकज मस्जिद में ही रुके जबकि बांग्लादेश के जमातियों को काकोरी की जामा मस्जिद और मड़ियांव की मकवा मस्जिद में ठहराया गया था। विदेशी जमातियों के पकड़े जाने और उनसे पूछताछ के बाद ही पुलिस ने सदर की अली जान मस्जिद में ठहरे सहारनपुर के 12 जमातियों को पकड़कर उनके सैंपल लेने के साथ ही सभी को क्वारंटीन कराया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सहारनपुर के जमातियों के जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद गहराई से पूछताछ की गई तब धार्मिक जलसे में जमातियों की 11 टीमें आने का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने अपना ऑपरेशन शुरू किया और तालकटोरा के आलमनगर स्थित पीर बक्का मस्जिद, कैसरबाग की रहमानी मस्जिद, गोमतीनगर के उजरियांव की दादा मियां मस्जिद से अलग-अलग प्रदेश व शहरों के जमाती पकड़े गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि धार्मिक जलसे में शामिल होने आई जमातियों की 11 टीमें राजधानी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की 1200 से अधिक मस्जिदों व मदरसों में गई थीं। पुलिस टीमों ने इन सभी मस्जिदों और मदरसों की छानबीन की है। यहां ठहरे लोगों की जांच के साथ ही सभी को क्वारंटीन कराया गया है। जमातियों के संपर्क में आने वाले लोगों में से कई का पता चल चुका है जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग अब भी बाहर घूम रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं।