कोलंबो ब्लास्ट में एक और भारतीय की मौत, अब तक 11 भारतीयों की हो चुकी है मौत

b

नई दिल्ली। श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के समय गिरजाघरों और महंगे होटलों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में एक और व्यक्ति के दम तोडऩे से इन विस्फोटों में मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

11 Indian People Died In Sri Lankas Serial Blasts :

श्रीलंका विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि बुधवार 24 अप्रैल को बम धमाकों की चपेट में आकर मरने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। बयान में कहा गया है कि इनमें बांग्लादेश का एक, चीन के दो, भारत के 11, डेनमार्क के तीन, जापान का एक, नीदरलैंड का एक, पुर्तगाल का एक, सऊदी अरब के दो, स्पेन का एक, तुर्की के दो, यूके के छह और एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है।

इसके अलावा दो ऐसे लोग हैं जिनके पास यूएस व यूके की नागरिकता एवं दो लोग जिनके पास आस्ट्रेलिया और श्रीलंका की नागरिकता थी। अभी तक 14 विदेशी नागरिकों का पता नहीं चला सका है और हो सकता है कि उनके शव कोलंबो ज्यूडिशियल मेडिकल ऑफिसर्स मोर्चरी में रखे गए बगैर शिनाख्त वाले लोगों में शामिल हों।

बयान में कहा गया है कि 13 विदेशी नागरिकों के अवशेष वापस उनके देश भेज दिये गए हैं और घटना में घायल 12 विदेशी लोगों का कोलंबो साउथ टीचिंग अस्पताल और कोलंबो के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इन धमाकों के सिलसिले में अब तक 75 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नई दिल्ली। श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के समय गिरजाघरों और महंगे होटलों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में एक और व्यक्ति के दम तोडऩे से इन विस्फोटों में मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। श्रीलंका विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि बुधवार 24 अप्रैल को बम धमाकों की चपेट में आकर मरने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। बयान में कहा गया है कि इनमें बांग्लादेश का एक, चीन के दो, भारत के 11, डेनमार्क के तीन, जापान का एक, नीदरलैंड का एक, पुर्तगाल का एक, सऊदी अरब के दो, स्पेन का एक, तुर्की के दो, यूके के छह और एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। इसके अलावा दो ऐसे लोग हैं जिनके पास यूएस व यूके की नागरिकता एवं दो लोग जिनके पास आस्ट्रेलिया और श्रीलंका की नागरिकता थी। अभी तक 14 विदेशी नागरिकों का पता नहीं चला सका है और हो सकता है कि उनके शव कोलंबो ज्यूडिशियल मेडिकल ऑफिसर्स मोर्चरी में रखे गए बगैर शिनाख्त वाले लोगों में शामिल हों। बयान में कहा गया है कि 13 विदेशी नागरिकों के अवशेष वापस उनके देश भेज दिये गए हैं और घटना में घायल 12 विदेशी लोगों का कोलंबो साउथ टीचिंग अस्पताल और कोलंबो के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इन धमाकों के सिलसिले में अब तक 75 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।