ईरान के मिसाइल हमले में 11 अमेरिकी सैनिक हुए थे घायल: रिपोर्ट

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ईरान के मिसाइल हमले में 11 अमेरिकी सैनिक हुए थे घायल: रिपोर्ट

नई दिल्ली। मध्य इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों में 11 अमेरिकी सैनिकों के घायल हुए थे। एएफपी न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी सेना (यूएस सेंट्रल कमांड) के हवाले से यह जानकारी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस हमले से अपने सैनिकों के नुकसान की बात खारिज कर चुके हैं। ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स के कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की बगदाद में हत्या के बाद ईरान ने 7 जनवरी की रात इराक के अल असद और इरबिल स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागी थीं।

11 Us Soldiers Were Injured In Irans Missile Attack Report :

अमेरिका ने जनरल सुलेमानी को अपने MQ-9 रीपर ड्रोन से तब निशाना बनाया था जब उनका काफिला बगदाद में आगे बढ़ रहा था। जनरल की हत्या के बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए। ईरान ने बदले की कार्रवाई में इराक स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और अमेरिका से जवाब मिलने पर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई और इजरायल के हाफिया पर को निशाना बनाने की धमकी दी थी।

हालांकि अमेरिका ने ईरान के हमले का कोई जवाब नहीं दिया। बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ शांति की पेशकश की। उन्होंने मिसाइल हमलों के एक दिन बाद ही कहा, ‘हमारा कोई भी हताहत नहीं हुआ है। हमारे सभी सैनिक सुरक्षित हैं और हमारे सैन्य अड्डों बहुत थोड़ा नुकसान हुआ है।’ हालांकि, तब ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में ‘कम से कम 80 आतंकवादी अमेरिकी सैनिक’ मारे गए। आईएस आतंकी समूह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत इराक में करीब पांच हजार अमेरिकी सैनिक हैं।

नई दिल्ली। मध्य इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों में 11 अमेरिकी सैनिकों के घायल हुए थे। एएफपी न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी सेना (यूएस सेंट्रल कमांड) के हवाले से यह जानकारी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस हमले से अपने सैनिकों के नुकसान की बात खारिज कर चुके हैं। ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स के कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की बगदाद में हत्या के बाद ईरान ने 7 जनवरी की रात इराक के अल असद और इरबिल स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागी थीं। अमेरिका ने जनरल सुलेमानी को अपने MQ-9 रीपर ड्रोन से तब निशाना बनाया था जब उनका काफिला बगदाद में आगे बढ़ रहा था। जनरल की हत्या के बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए। ईरान ने बदले की कार्रवाई में इराक स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और अमेरिका से जवाब मिलने पर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई और इजरायल के हाफिया पर को निशाना बनाने की धमकी दी थी। हालांकि अमेरिका ने ईरान के हमले का कोई जवाब नहीं दिया। बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ शांति की पेशकश की। उन्होंने मिसाइल हमलों के एक दिन बाद ही कहा, 'हमारा कोई भी हताहत नहीं हुआ है। हमारे सभी सैनिक सुरक्षित हैं और हमारे सैन्य अड्डों बहुत थोड़ा नुकसान हुआ है।' हालांकि, तब ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में 'कम से कम 80 आतंकवादी अमेरिकी सैनिक' मारे गए। आईएस आतंकी समूह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत इराक में करीब पांच हजार अमेरिकी सैनिक हैं।