आठ महीने में व्यापारियों ने कर ली 12,766 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी

GST 2018-19
आठ महीने में व्यापारियों ने कर ली 12,766 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी

नई दिल्ली। वि​त्तीय वर्ष 2018—19 में अभी तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के कुल 3,196 मामले सामने आए है।जिनमें करीब 12,766 करोड़ रुपए की चोरी की जा रही थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को ये जानकारी साझा करते हुए कहा कि इसके अलावा इस साल की अप्रैल से नवंबर की अवधि में 7,900 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई।

12766 Crore Gst Fraud In 3196 Case In 2018 19 :

वित्त मंत्रालय की तरफ से किए गए एक ट्वीट में के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में संदिग्ध जीएसटी चोरी के 3,196 मामले पकड़े गए हैं, जोकि कुल 12,766.85 करोड़ रुपए की रकम है। इसी अवधि में कुल 7,909.96 करोड़ रुपए की वसूली की गई है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी चोरी रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में इंटेलीजेंस आधारित प्रवर्तन, ईवे बिल स्क्वाड, डेटा का व्यवस्थित विश्लेषण और महानिदेशालय (एनालिटिक्सि और जोखिम प्रबंधन) की स्थापना शामिल है।

बता दें कि सरकार का प्रति माह एक लाख करोड़ रूपए जीएसटी कलेक्शन का है। इस लक्ष्य में लगातार चूक हो रही है। इस बीच कई कंपनियां जीएसटी की घटी दरों का फायदा भी ग्राहकों को नहीं पहुंचाती हैं। कई जगह फर्जी कंपनियों के जरिए भी जीएसटी की चोरी हो रही है।

नई दिल्ली। वि​त्तीय वर्ष 2018—19 में अभी तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के कुल 3,196 मामले सामने आए है।जिनमें करीब 12,766 करोड़ रुपए की चोरी की जा रही थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को ये जानकारी साझा करते हुए कहा कि इसके अलावा इस साल की अप्रैल से नवंबर की अवधि में 7,900 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई। वित्त मंत्रालय की तरफ से किए गए एक ट्वीट में के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में संदिग्ध जीएसटी चोरी के 3,196 मामले पकड़े गए हैं, जोकि कुल 12,766.85 करोड़ रुपए की रकम है। इसी अवधि में कुल 7,909.96 करोड़ रुपए की वसूली की गई है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी चोरी रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में इंटेलीजेंस आधारित प्रवर्तन, ईवे बिल स्क्वाड, डेटा का व्यवस्थित विश्लेषण और महानिदेशालय (एनालिटिक्सि और जोखिम प्रबंधन) की स्थापना शामिल है। बता दें कि सरकार का प्रति माह एक लाख करोड़ रूपए जीएसटी कलेक्शन का है। इस लक्ष्य में लगातार चूक हो रही है। इस बीच कई कंपनियां जीएसटी की घटी दरों का फायदा भी ग्राहकों को नहीं पहुंचाती हैं। कई जगह फर्जी कंपनियों के जरिए भी जीएसटी की चोरी हो रही है।