भारत के अलावा दुनिया के इन तीन देशों में 15 अगस्त को मनाया जाता है स्वतन्त्रता दिवस

भारत के अलावा दुनिया के इन तीन देशों में 15 अगस्त को मनाया जाता है स्वतन्त्रता दिवस
भारत के अलावा दुनिया के इन तीन देशों में 15 अगस्त को मनाया जाता है स्वतन्त्रता दिवस

नई दिल्ली। 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की 200 सालों की गुलामी के बाद भारत को आजादी मिली थी उसी के बाद से भारत में 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि 15 अगस्त की तारीख को केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के तीन और देशों में भी आजादी का जश्न मनाया जाता है।

15 August Independence Day Of These 4 Countries :

इन देशों को 15 अगस्त के दिन मिली थी आजादी

दक्षिण कोरिया को 1945 में जापान से आजादी मिली थी।
बहरीन को 15 अगस्त 1971 में ब्रिटेन से आजादी मिली।
कांगो को 1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता हासिल हुई।

कहा जाता है कि ब्रिटेन भारत को 1947 में नहीं बल्‍कि साल 1948 में आजाद करना चाहता था, लेकिन महात्‍मा गांधी के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से परेशान होकर अंग्रजों ने भारत को एक साल पहले ही यानी 15 अगस्‍त 1947 को ही आजाद करने के विचार पर फैसला ले लिया। भारत में आजादी की जंग पहले से यानी 1930 से ही शुरू हो गई थी।

1929 लाहौर सत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज घोषणा, या भारत की आजादी की घोषणा का प्रचार किया। कांग्रेस ने भारत के लोगों से सविनय अवज्ञा करने के लिए स्वयं प्रतिज्ञा करने व पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्ति तक समय-समय पर जारी किए गए कांग्रेस के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। इस तरह के स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन भारतीय नागरिकों के बीच राष्ट्रवादी ईधन झोंकने के लिए किया गया व स्वतंत्रता देने पर विचार करने के लिए ब्रिटिश सरकार को मजबूर करने के लिए भी किया गया।

नई दिल्ली। 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की 200 सालों की गुलामी के बाद भारत को आजादी मिली थी उसी के बाद से भारत में 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि 15 अगस्त की तारीख को केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के तीन और देशों में भी आजादी का जश्न मनाया जाता है। इन देशों को 15 अगस्त के दिन मिली थी आजादी दक्षिण कोरिया को 1945 में जापान से आजादी मिली थी। बहरीन को 15 अगस्त 1971 में ब्रिटेन से आजादी मिली। कांगो को 1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता हासिल हुई। कहा जाता है कि ब्रिटेन भारत को 1947 में नहीं बल्‍कि साल 1948 में आजाद करना चाहता था, लेकिन महात्‍मा गांधी के 'भारत छोड़ो आंदोलन' से परेशान होकर अंग्रजों ने भारत को एक साल पहले ही यानी 15 अगस्‍त 1947 को ही आजाद करने के विचार पर फैसला ले लिया। भारत में आजादी की जंग पहले से यानी 1930 से ही शुरू हो गई थी। 1929 लाहौर सत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज घोषणा, या भारत की आजादी की घोषणा का प्रचार किया। कांग्रेस ने भारत के लोगों से सविनय अवज्ञा करने के लिए स्वयं प्रतिज्ञा करने व पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्ति तक समय-समय पर जारी किए गए कांग्रेस के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। इस तरह के स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन भारतीय नागरिकों के बीच राष्ट्रवादी ईधन झोंकने के लिए किया गया व स्वतंत्रता देने पर विचार करने के लिए ब्रिटिश सरकार को मजबूर करने के लिए भी किया गया।