16 साल की युवा लेखिका ने लौटाया साहित्य अकादमी पुरस्कार

शिमोगा| लेखकों पर हुए हमले और दादरी कांड के बाद देश में बढ़ती सांप्रदायिकता के विरोध में पिछले कुछ दिनों से बड़े पैमाने पर साहित्यकार अपना सम्मान लौटा रहे हैं। इसी कड़ी में अब 16 साल की लेखिका मुद्दू तीर्थाहाल्लि ने भी कर्नाटक साहित्य अकादमी अवार्ड लौटा दिया है। 

कर्नाटक के शिमोगा जिले के सहयाद्रि हाई स्कूल में 11 वीं क्लास में पढ़ने वाली मुद्दू तीर्थाहाल्लि ने कर्नाटक साहित्य अकादमी अवार्ड लौटा दिया है। यह अवार्ड मुद्दु को 2011 में मिला था। उन्हें अपने निबंधों का संकलन करने के लिए यह सम्मान दिया गया था।

मुद्दु ने बताया, ”अभिव्यक्ति की आजादी पर कोई भी प्रतिबंध नहीं लग सकता जैसे साहित्य अभिव्यक्ति का माध्यम है।” इसके साथ ही मुद्दू ने कहा कि उन्होंने अकादमी को अपने फैसले के बारे में पहले ही सूचित किया है। अब कोई भी उनके इस फैसले को बदल नहीं सकता।