McDonald के 169 रेस्तरां पर लग सकता है ताला, हजारों कर्मचारी होंगे बेरोजगार

नई दिल्ली। मैकडोनाल्ड इंडिया(McDonald India) ने विक्रम बख्शी के कनाट प्लाजा रेस्तरां से किया गया फ्रेंचाइजी समझौता खत्म कर दिया है। साथ ही इसके द्वारा चलाए जा रहे 169 रेस्तरां को अगले 15 दिनों में मैकडोनाल्ड ब्रांड नाम का उपयोग बंद करने को कहा गया है। उद्यमी विक्रम बख्शी की अगुवाई वाली सीपीआरएल का मैकडोनाल्ड्स इंडिया से विवाद चल रहा था। बता दें कि इन स्टोर के बंद होने से सबसे ज्यादा असर वहां काम कर रहे लोगों पर पड़ रहा है। इसके बंद होने से हजारों लोगों की नौकरियां खतरे में हैं।

मैकडोनाल्ड इंडिया प्रा. लि. (एमआईपीएल) से जारी बयान में कहा गया कि सीपीआरएल बोर्ड को 169 मैकडोनाल्ड रेस्तरां के लिए फ्रेंचाइजी समझौते से निष्कासन की सूचना दे दी है। ऐसा इसलिए किया गया है कि कंपनी ने इन रेस्तरां को चलाने के लिए सरकार से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करवाया।

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सीपीआरएल ने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हासिल कर पाने के कारण 29 जून को दिल्ली के 40 से अधिक रेस्तरां को बंद कर दिया था। मैकडोनाल्ड द्वारा यह फैसला लेने से पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने 13 जुलाई को विक्रम बख्शी को सीपीआरएल के प्रबंध निदेशक के पद पर बहाल कर दिया गया था।

सीपीआरएल, एमआईपीएल और सीपीआरएल की आधी-आधी हिस्सेदारी वाली संयुक्त उद्यम है, जिनमें मैकडोनाल्ड इंडिया और बख्शी के बीच सीपीआरएल पर नियंत्रण को लेकर लंबे समय से लड़ाई जारी थी। आपको बता दें कि मैकडॉनल्ड्स के 130 देशों में 32 हजार से भी ज्यादा रेस्त्रां है जहां हर रोज औसतन 5.8 करोड़ लोग आते हैं। 70 फीसदी से भी ज्यादा रेस्त्रां फ्रेंचाइजी म़ॉडल पर आधारित हैं, यानी स्थानीय उद्यमी उन्हे चलाते हैं। भारत में भी मैकडॉनल्ड्स के 300 रेस्त्रां हैं।

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