17 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

रूद्रप्रयाग: हिमालयी चार धामों में सर्वाधिक प्रतिष्ठित माने जाने वाले भगवान बदरीनाथ के कपाट इस वर्ष 17 नवंबर को शीतकाल के लिये बंद कर दिये जायेंगे। विजयादशमी के पावन पर्व पर आज बदरीनाथ मन्दिर परिसर में परम्परागत पूजा अर्चना के बाद कपाट बन्द होने का मुहूर्त निकाला गया। बदरीनाथ में मन्दिर के मुख्य धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने पण्डितों के साथ मुहूर्त निकालने की प्रक्रिया की सम्पन्न की।

बदरीनाथ मन्दिर समिति के मुख्य कार्य अधिकारी बी. डी. सिंह ने बताया कि चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मन्दिर के कपाट 17 नवम्बर को सांय चार बजकर 35 मिनट पर श्रद्घालुओं के दर्शन के लिये बंद कर दिये जायेंगे। गौरतलब है कि अन्य चार धाम के नाम से प्रसिद्घ अन्य तीनों मंदिरों के कपाट बंद होने की तिथियां पहले ही तय हो चुकी हैं।

रूद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मन्दिर और उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री के कपाट जहां भैया दूज के दिन 13 नवम्बर को बन्द होंगे वहीं गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकलाल के लिये दीपावली के अगले दिन 12 नवंबर को बंद होंगे।हिमालय की उंची पहाडियों पर स्थित चारों धामों के शीतकाल के दौरान भारी बर्फवारी की चपेट में रहने के कारण उनके कपाट बंद कर दिये जाते हैं, जो अगले साल अप्रैल-मई में श्रद्घालुओं के दर्शन के लिये दोबारा खोल दिये जाते हैं।